India US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत को अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी धागा और कपास से बने परिधान पर वही रियायती शुल्क का लाभ मिलेगा, जो बांग्लादेश को वर्तमान में मिल रहा है। अमेरिका, बांग्लादेश की वस्तुओं पर जवाबी शुल्क घटाकर 19 प्रतिशत कर देगा, लेकिन वस्त्रों पर शून्य शुल्क तभी लगेगा जब वे अमेरिकी कपास और कृत्रिम रेशों से बने हों। वर्तमान में बांग्लादेशी परिधानों पर 31 प्रतिशत शुल्क लगता है (12 प्रतिशत सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र शुल्क और 19 प्रतिशत जवाबी शुल्क) और अगर उनमें अमेरिकी रेशों का इस्तेमाल किया जाता है तो शुल्क घटकर 12 प्रतिशत हो जाता है।
व्यापार समझौते से पलटेगी बाजी! (Photo: iStock)
भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री गोयल ने संवाददाताओं से कहा, "बांग्लादेश को जो मिला है, वही भारत को भी अंतिम समझौते में मिलने वाला है।"
भारतीय कंपनियों को मिलेगा शुल्क-मुक्त प्रवेश
उन्होंने बताया कि अगर कोई भारतीय कंपनी अमेरिका से धागा और कपास खरीदकर परिधान बनाती है और उन्हें अमेरिका को निर्यात करती है, तो उन परिधानों को भी बांग्लादेशी कंपनियों की तरह अमेरिका में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि यह बात अमेरिका-बांग्लादेश समझौते में लिखी है और हमारे समझौते में भी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इसका भारतीय कपास किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अमेरिका में कपास का उत्पादन सीमित है। उसका निर्यात केवल 50 लाख अमेरिकी डॉलर है, जबकि भारत का लक्ष्य 50 अरब अमेरिकी डॉलर है। भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक रूपरेखा तैयार कर ली है। इसे मार्च में लागू किए जाने की संभावना है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लगाया था आरोप
केंद्रीय मंत्री गोयल का यह टिप्पणियां महत्वपूर्ण हैं क्योंकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता पूरी तरह से आत्मसमर्पण है, जिसमें भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका को सौंप दी गई है और किसानों के हितों से समझौता किया गया है।
घरेलू चिकित्सा उपकरण उद्योग को मिलेगी मदद
इस बीच, एक ’मेडटेक, इनोवेशन और स्टार्टअप’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत के अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों से घरेलू चिकित्सा उपकरण उद्योग को रियायती शुल्कों पर व्यापक बाजार पहुंच प्राप्त होगी।
एफटीए के जरिए विकसित बाजारों के लिए खुल रहे द्वार
उन्होंने कहा कि कुछ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) में भारतीय चिकित्सा उपकरणों को शुल्क में छूट भी मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हम नौ एफटीए के माध्यम से विकसित बाजारों के लिए द्वार खोल रहे हैं, जिनमें 38 ऐसे देश शामिल हैं जहां की आबादी समृद्ध है और प्रति व्यक्ति आय अधिक है।" केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि एनआईसीडीसी देश में चिकित्सा उपकरण इकाइयों के लिए 50 से 100 एकड़ भूमि आरक्षित करने पर विचार कर सकता है।
