'AI को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने में गेमचेंजर साबित होगी भारत-अमेरिका की दोस्ती'- सुंदर पिचाई

तकनीकी दुनिया के दिग्गज और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तकनीकी तालमेल को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया है। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी क्रांतिकारी तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग और दुनिया के हर हिस्से तक पहुंचाने में इन दोनों देशों की साझेदारी एक 'गेमचेंजर' की भूमिका निभाएगी।

गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट इंक के सीईओ सुंदर पिचाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर भारत और अमेरिका की जुगलबंदी पर बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान पिचाई ने जोर देकर कहा कि एआई की शक्ति और इसके लाभों को दुनिया के हर व्यक्ति और हर स्थान तक पहुंचाने में भारत-अमेरिका की साझेदारी सबसे निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह बात दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक 'पैक्स सिलिका' (Pax Silica) घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर होने से ठीक पहले कही, जो तकनीकी सहयोग के एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।

Sundar Pichai

संपर्क सेतु के रूप में गूगल की भूमिका

सुंदर पिचाई ने गर्व के साथ कहा कि गूगल इन दोनों महान देशों के बीच "रूपक और वास्तविक" दोनों ही तरीकों से एक संपर्क सेतु (Bridge) के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने विस्तार से बताया कि गूगल की टीमें अमेरिका और भारत में मिलकर कंपनी की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर निर्बाध रूप से काम कर रही हैं। पिचाई ने एक बेहतरीन उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे भारत से शुरू हुआ 'गूगल पे' (Google Pay) जैसा नवाचार आज वैश्विक स्तर पर भुगतान प्रणालियों को बेहतर बना रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में विकसित तकनीक पूरी दुनिया के लिए मानक बन सकती है।

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