Forged Wheels Production: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि रेलगाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले पहियों (फोर्ज्ड व्हील) का आयातक होने के 60 से 70 साल बाद भारत अब इसका निर्यात करने के लिए तैयार है। बता दें कि वैष्णव के पास इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी है। उन्होंने अमेरिका की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर क्वालकॉम के चेन्नई डिजाइन सेंटर का उद्घाटन करने के दौरान ये बात कही। उन्होंने कहा कि रेलवे के लिए फोर्ज्ड व्हील का उत्पादन करने के लिए एक प्लांट स्थापित करने की निर्माण गतिविधियां तमिलनाडु में शुरू हो गई हैं।
भारत करेगा ट्रेन के पहियों का एक्सपोर्ट
ये भी पढ़ें -
650 करोड़ रुपये की लागत से होगा तैयार
रेलवे ने पहले चरण में 650 करोड़ रुपये की लागत से चेन्नई के पास गुम्मिडिपोंडी में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड के साथ एक जॉइंट वेंचर (जेडब्ल्यू) शुरू किया है। वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा वंदे भारत ट्रेन बहुत सफल रही है।
विशेष क्वालिटी के पहिए होते हैं इस्तेमाल
वंदे भारत में जो पहिये इस्तेमाल किए जाते हैं, वे विशेष क्वालिटी वाले होते हैं। वे एक विशेष मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस से गुजरते हैं। वैष्णव के अनुसार वैगन में हम जिन पहियों का उपयोग करते हैं, वे कास्टिंग प्रोसेस से गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि फोर्ज्ड व्हील के प्रोडक्शन के लिए कारखाना अब स्थापित किया जा रहा है, जिसका निर्माण शुरू हो गया है।
प्लांट में 2.5 लाख पहियों का उत्पादन करने की क्षमता होगी, जिनमें से 80,000 का उपयोग भारत में किया जाएगा और बाकी 1.70 लाख का निर्यात किया जाएगा।
