ET NOW GBS 2026 : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने ET NOW Global Business Summit 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा साल 2027 में शुरू कर दिया जाएगा। यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई से अहमदाबाद के बीच बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के डिजाइन और निर्माण में काफी प्रगति हो चुकी है। भारतीय इंजीनियरों और इंडस्ट्री ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया है। मंत्री ने कहा कि भारत अब हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक में करीब पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुका है और देश ने इस सेक्टर में तेजी से बढ़ते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw का बड़ा ऐलान: 2027 में दौड़ेगी पहली बुलेट ट्रेन
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में तेज प्रगति
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड ट्रेन भारत की पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को देश के परिवहन इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में इसका पहला सेक्शन शुरू होने से देश में हाई-स्पीड रेल युग की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इससे यात्रा का समय काफी कम होगा और व्यापार तथा उद्योग को भी नई गति मिलेगी।
4000 किलोमीटर के नए हाई-स्पीड कॉरिडोर
रेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा बड़े बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा की गई है। ये प्रस्तावित कॉरिडोर करीब 4,000 किलोमीटर लंबाई में फैले होंगे। इनका उद्देश्य देश के विभिन्न बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को तेज रफ्तार रेल नेटवर्क से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हाई-स्पीड रेल नेटवर्क देश के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बेंगलुरु-चेन्नई सफर सिर्फ 73 मिनट में
रेल मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाई-स्पीड रेल शुरू होने के बाद बेंगलुरु और चेन्नई के बीच यात्रा का समय घटकर केवल 73 मिनट रह जाएगा। इससे दोनों शहरों के बीच दूरी मानो और कम हो जाएगी। कारोबार, आईटी सेक्टर और उद्योग जगत को इससे बड़ा फायदा होगा। लोग एक ही दिन में दोनों शहरों के बीच आना-जाना कर सकेंगे, जिससे आर्थिक और सामाजिक जुड़ाव और मजबूत होगा। सरकार का कहना है कि इस तरह की परियोजनाएं भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेंगी और भविष्य में देश को हाई-स्पीड रेल तकनीक का निर्यातक भी बना सकती हैं।
‘52 सुधार 52 हफ्तों में’ अभियान
रेलवे में सुधार के बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में मंत्रालय 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने की योजना पर काम कर रहा है। अब तक सात सुधार लागू किए जा चुके हैं और बाकी सुधार जल्द लागू किए जाएंगे। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक बनाना है। खासकर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। दो और बड़े सुधारों की घोषणा भी जल्द की जाएगी।
ET NOW Global Business Summit 2026
यह सम्मेलन 13 और 14 फरवरी को नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित हो रहा है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम है “A Decade of Disruption. A Century of Change” यानी बदलाव का एक दशक और परिवर्तन की एक सदी। इस मंच पर दुनिया भर के नीति-निर्माता, उद्योगपति और विशेषज्ञ वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, इंडस्ट्री 5.0 और कार्यबल में बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
यह सम्मेलन केवल बीते समय की समीक्षा नहीं है, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का एक मंच है। यहां वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों पर मंथन किया जा रहा है और आने वाले समय की चुनौतियों से निपटने की रणनीति तैयार की जाती है। रेल मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से बदलती दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और हाई-स्पीड रेल जैसी परियोजनाएं देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
