भारत की डिजिटल क्रांति, UPI को ग्लोबल बनाने की तैयारी, पूर्वी एशिया पर नजर

Digital Payments: भारत अपने स्वदेशी डिजिटल भुगतान सिस्टम, यूपीआई, को अधिक देशों तक फैलाने की योजना बना रहा है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू ने मंगलवार को बताया कि इस विस्तार में खासतौर पर पूर्वी एशिया के देशों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यूपीआई को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है।

Digital Payments : भारत अपने स्वदेशी डिजिटल भुगतान सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई को दुनिया के ज्यादा से ज्यादा देशों तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। सरकार चाहती है कि यूपीआई सिर्फ भारत तक सीमित न रहे, बल्कि इसे एक अंतरराष्ट्रीय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया जाए। इस दिशा में खासतौर पर पूर्वी एशिया के देशों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

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यूपीआई से विश्व में छाएगा भारत, पूर्वी एशिया बनेगा पहला पड़ाव (तस्वीर-istock)

पूर्वी एशिया के देशों पर सरकार की नजर

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम नागराजू ने दिल्ली में आयोजित ग्लोबल इन्क्लूसिव फाइनेंस इंडिया समिट में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत पहले ही कुछ देशों में यूपीआई की सुविधा शुरू कर चुका है और अब इसे और आगे बढ़ाने की योजना है। सरकार का मानना है कि पूर्वी एशिया के देशों में यूपीआई के विस्तार से भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक पहचान मिलेगी।

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