आर्कटिक पथ पर भारत! 2027 में जाएगा पहला जहाज, आधे समय में पूरा होगा रूस तक सफर

भारत भी अब चीन की तरह आर्कटिक पथ पर चलेगा। 2027 तक भारत इस रास्ते का इस्तेमाल शुरू कर देगा। इसकी वजह से भारत से रूस तक पहुंचने में लगने वाला समय आधा रह जाएगा।

India on Arctic Route : भारत अब रूस के रास्ते यूरोप तक पहुंचने के लिए एक नए समुद्री विकल्प पर आगे बढ़ रहा है। भारत 2027 में पहली बार नॉर्दर्न सी रूट पर अपना कार्गो जहाज भेजने की तैयारी कर रहा है। रूस के आर्कटिक क्षेत्र आर्खांगेल्स्क (Arkhangelsk) के गवर्नर अलेक्जेंडर त्सिबुल्स्की (Aleksandr Tsybulsky) का कहना है कि भारत इस रूट में बड़ी संभावनाएं देख रहा है। दोनों पक्ष इसके इस्तेमाल को लेकर बातचीत कर रहे हैं। RT की एक रिपोर्ट के मुताबिक अलेक्जेंडर ने यह बात नई दिल्ली में भारतीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस वेंकटेसापति के साथ बैठक के बाद कही।

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चीन की तरह भारत भी आर्कटिक के रास्ते पर चलेगा

आर्कटिक रूट को नॉर्दर्न सी रूट (NSR) भी कहा जाता है। यह रूस के आर्कटिक तट के साथ चलने वाला करीब 5,600 किलोमीटर लंबा समुद्री मार्ग है। यह एशिया और यूरोप के बीच पारंपरिक स्वेज नहर वाले रास्ते की तुलना में छोटा विकल्प देता है। रूस इस रूट के बंदरगाहों, आइसब्रेकर और दूसरी सुविधाओं पर तेजी से निवेश कर रहा है। चीन इस रास्ते का पहले से ही इस्तेमाल कर रहा है। भारत भी जल्द ही इस रास्ते का इस्तेमाल शुरू करेगा। भारत लिए यह सिर्फ एक नया शिपिंग रास्ता नहीं, बल्कि रूस के साथ व्यापार, ऊर्जा और समुद्री कनेक्टिविटी को मजबूत करने का नया जरिया बन सकता है।

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