सैलरी बढ़ी फिर भी हाथ तंग! आखिर क्यों 'अमीर' नहीं बन पा रहा इंडिया का मिडल क्लास?

ज्यादातर मिडल क्लास परिवारों के साथ यही हो रहा है। उनकी आय बढ़ रही है। लेकिन, महीने के आखिर में उनके हाथ में तंगी ही बचती है। आखिरी जमकर मेहनत करने के बाद भी अमीर क्यों नहीं हो पा रहे?

What Makes Indian Middle Class Struggle : आज का भारतीय मिडल क्लास पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा कमाता है। अच्छी नौकरी, हर साल बढ़ती सैलरी, बोनस और दूसरी सुविधाएं भी मिल रही हैं। इसके बावजूद ज्यादातर लोगों की शिकायत एक जैसी है कि महीने के आखिर में पैसे खत्म हो जाते हैं और बचत नाममात्र की रह जाती है। ऐसा नहीं है कि मिडल क्लास के लोग मेहनत नहीं कर रहे। बल्कि, ये देश में सबसे ज्यादा मेहनतकश लोग हैं। लेकिन, असली समस्या कमाई नहीं, बल्कि बेतहाशा बढ़ते खर्च हैं। नतीजतन, बैंक खाते में पैसा आता तो ज्यादा है, लेकिन टिकता नहीं। आइए जानते हैं वे छह बड़ी वजहें, जिनके चलते भारत का मिडल क्लास बेहिसाब मेहनत के बाद भी दौलत नहीं जोड़ पाता।

Indian Middle Class Struggle

सैलरी बढ़ रही फिर भी तंग है मिडल क्लास

1. EMI के जाल में फंसे परिवार

आज किसी भी महंगी चीज को खरीदने से पहले सबसे ज्यादा पूछा जाता है कि महीने की किस्त कितनी पड़ेगी? मोबाइल, कार, फर्नीचर, टीवी, एसी या छुट्टियों का पैकेज। सब कुछ आसान किस्तों पर मिल जाता है। यही सुविधा धीरे-धीरे सबसे बड़ा जाल बन जाती है। जब हर चीज छोटी-छोटी किस्तों में खरीदी जाती है, तब हर महीने की सैलरी का बड़ा हिस्सा पहले से ही बंट चुका होता है। ऐसे में बचत और निवेश के लिए बहुत कम पैसा बचता है। इसलिए किसी भी खरीदारी से पहले सिर्फ किस्त नहीं, बल्कि उसकी पूरी कीमत और जरूरत पर भी विचार करना जरूरी है।

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