भारत-ओमान के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, लेकिन डेयरी से लेकर सोना-चांदी पर कोई रियायत नहीं

ओमान में लगभग सात लाख भारतीय नागरिक रहते हैं। भारत को ओमान से प्रतिवर्ष लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर की राशि प्राप्त होती है। भारतीय उद्यमों ने ओमान में अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित की है, जहां विभिन्न क्षेत्रों में 6,000 से अधिक भारतीय प्रतिष्ठान कार्यरत हैं। भारत को अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच ओमान से 61.554 करोड़ अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है।

India-Oman free trade agreement: भारत और ओमान ने गुरुवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किए। इसके तहत वस्त्र, कृषि उत्पाद तथा चमड़े के सामान सहित भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान में शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान की जाएगी। दूसरी ओर भारत खजूर, संगमरमर और पेट्रो रसायन वस्तुओं जैसे ओमान के उत्पादों पर शुल्क कम करेगा। हालांकि, घरेलू किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के हितों की रक्षा के लिए कई संवेदनशील उत्पादों पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए इन संवेदनशील उत्पादों को ‘छूट से बाहर की श्रेणी’ में रखा गया है। मंत्रालय के मुताबिक, शुल्क छूट से बाहर रखे गए उत्पादों में डेयरी एवं कृषि उत्पाद, चाय, कॉफी, रबर, तंबाकू उत्पाद, सोना-चांदी का बुलियन एवं आभूषण और जूते-चप्पल, खेल सामान और कई मूल धातुओं के स्क्रैप शामिल हैं।

पीएम मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम

पीएम मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम (PTI)

अगले वर्ष की पहली तिमाही से लागू होने की उम्मीद

इस समझौता के अगले वर्ष की पहली तिमाही से लागू होने की उम्मीद है। यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब भारत को अपने सबसे बड़े निर्यात गंतव्य अमेरिका में 50 प्रतिशत तक के भारी शुल्क का सामना करना पड़ रहा है।

End of Feed