ITR filing 2025: अगर आप सोच रहे हैं कि 15 सितंबर 2025 की बढ़ी हुई समयसीमा से पहले ITR भरने से क्या फायदा होगा। समय मिला है तो सितंबर तक इंतजार करते हैं। लेकिन ज्यादा इंतजार न करें। जल्दी फाइल करने से आपको रिफंड भी जल्दी मिल सकता है। अगर कोई व्यक्ति बढ़ी हुई समयसीमा यानी 15 सितंबर से पहले आयकर रिटर्न फाइल करता है, तो वह पूरी तरह से रिफंड और उस पर ब्याज पाने का पात्र होता है, बशर्ते इनकम टैक्स विभाग द्वारा सफलतापूर्वक सत्यापन और प्रोसेसिंग की जाए।
जल्दी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के फायदे ( तस्वीर- istock)
जल्दी फाइल करने से रिफंड जल्दी मिलता है?
शुरुआत में जब सिस्टम पर लोड कम होता है, तो Centralised Processing Centre (CPC) जल्दी प्रोसेस कर सकता है। आमतौर पर अगर रिटर्न फाइल और ई-वेरिफाई हो गया हो, तो ITR-1 और ITR-4 जैसे साधारण मामलों में रिफंड 4-5 हफ्तों में आ सकता है। लेकिन यह पूरी तरह रिटर्न की जटिलता और समय के दौरान दाखिल रिटर्न की मात्रा पर निर्भर करता है।
रिफंड में देरी कब हो सकती है?
रिटर्न में त्रुटियां, गलत या अधूरी जानकारी, पिछली वर्षों की पेंडिंग जांच। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में सिस्टम चेक्स और लंबित असेसमेंट की संख्या बढ़ी है, जिसके कारण कई रिफंड तब तक रोके जा सकते हैं जब तक पुराने मुद्दे हल न हों।
समय पर रिफंड पाने के लिए क्या करें?
- सही जानकारी भरें।
- Form 26AS और AIS से मिलान करें।
- बैंक खाता pre-validate करें।
- बैंक डिटेल्स अपडेट रखें,
- सही आय दिखाएं।
- सभी हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन्स को AIS और Form 26AS से मिलाएं,
- स्क्रूटनी से बचा जा सके।
सैलरी पाने वालों को रिफंड जल्दी क्यों मिलता है?
सैलरीड टैक्सपेयर्स आमतौर पर ITR-1 या ITR-2 भरते हैं, जिनमें पहले से भरी हुई जानकारी रहती है और TDS पहले ही कटा होता है। ऐसे रिटर्न कम जटिल होते हैं और अगर कोई टैक्स बकाया नहीं है, तो CPC इन्हें जल्दी प्रोसेस कर देता है।
रिफंड में देरी होने पर ब्याज भी मिलता है?
अगर आपके रिफंड में देरी होती है, तो इनकम टैक्स विभाग आपको उस पर ब्याज भी देता है। लेकिन इसे लाभ की तरह न सोचें। बेहतर यही है कि रिटर्न जल्दी और सही तरीके से फाइल करें ताकि आपको समय पर रिफंड मिल जाए।
जल्दी फाइल करें, सही फाइल करें
अगर आप चाहते हैं कि आपका रिफंड समय पर और बिना किसी झंझट के मिले, तो रिटर्न जल्द फाइल करें, सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें और डिटेल दोबारा जांच लें। सही रिटर्न, समय पर ई-वेरिफिकेशन और क्लीन रिकॉर्ड से रिफंड जल्दी और बिना अड़चन के आपके खाते में आ सकता है।
