Income Tax Calculator: मोदी सरकार 3.0 का दूसरा पूर्ण बजट पेश किये जाने से पहले लोग 10 लाख तक की कमाई को टैक्स-फ्री करने की मांग कर रहे थे। बजट 2025-26 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सितारमण ने ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला जिसकी किसी को कोई उम्मीद नहीं थी। उन्होंने नई टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख तक की कमाई को टैक्स फ्री करने का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने बुनियादी छूट सीमा में भी बदलाव किया जिससे कि छूट का दायरा बड़ा हो सके और ज्यादा से ज्यादा टैक्सपेयर्स इसका फायदा उठा सकें। लेकिन 12 लाख से ज्यादा कमाई पर इनकम टैक्स कैसे कैलकुलेट होगा? किसे कितनी और कैसे छूट मिलेगी? स्टैण्डर्ड डिडक्शन का फायदा किसे मिलेगा?
इनकम पर ऐसे कैलकुलेट होगा टैक्स, किसे-कहां और कितनी मिलेगी छूट
स्लैब और रेट में हुआ बदलाव
इससे पहले कि आप इनकम टैक्स की कैलकुलेशन को समझें, नए इनकम टैक्स स्लैब और रेट को समझ लेना जरूरी है। इससे आप समझ सकते हैं कि किस आय वर्ग के टैक्सपेयर्स अब कितना टैक्स बचा पायेंगे। पहले 6 स्लैब हुआ करते थे, लेकिन बजट 2025-26 में एक नया टैक्स स्लैब जोड़ते हुए बुनियादी छूट सीमा को भी बढ़ा दिया गया है। मौजूदा स्लैब में 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष की कमाई बुनियादी छूट की सीमा होती थी जबकि प्रस्तावित इनकम टैक्स व्यवस्था में इसे बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दिया गया है। नीचे दी गई टेबल के माध्यम से भी आप स्लैब और रेट में हुए बदलावों को समझ सकते हैं।
नए स्लैब से किसे कितना होगा फायदा
नए स्लैब से किसे कितना होगा फायदा
मौजूदा स्लैब्स के अनुसार 9 लाख तक की कमाई पर आपको 40,000 रुपये का टैक्स देना होता है जबकि 12 लाख की कमाई पर 80,000 रुपये का टैक्स भरना पड़ता है। इस तरह स्लैब में प्रस्तावित बदलाव के बाद 9 लाख प्रतिवर्ष कमाने वाले टैक्सपेयर 40,000 रुपये तो 12 लाख प्रतिवर्ष कमाने वाले टैक्सपेयर 80,000 रुपये की बचत कर पाएगा। 15 लाख प्रतिवर्ष कमाने वाले टैक्सपेयर को फिलहाल 1.40 लाख रुपये का टैक्स देना होता है जबकि प्रस्तावित बदलाव के बाद उन्हें 1.05 लाख रुपये का टैक्स ही देना होगा और इस तरह वो 35,000 रुपये की बचत कर पायेंगे। इसी तरह जहां 19 लाख प्रतिवर्ष कमाने वाला टैक्सपेयर 35,000 रुपये बचा पाएगा, वहीं 24 लाख प्रतिवर्ष और उससे अधिक कमाई वाले टैक्सपेयर्स 1.1 लाख रुपये तक की बचत कर पायेंगे।
नए स्लैब से किसे कितना होगा फायदा
ऐसे कैलकुलेट होगा इनकम टैक्स
नई इनकम टैक्स रिजीम के अनुसार 12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। 12 लाख से अधिक कमाई वाले टैक्सपेयर पर इनकम टैक्स के भार को कम करने के लिए मार्जिनल रिलीफ यानी मामूली राहत दिए जाने का ऐलान भी है। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति की कमाई 12.10 लाख रुपये है तो उसकी कुल कमाई पर टैक्स का कैलकुलेशन इस प्रकार किया जाएगा:
ऐसे कैलकुलेट होगा इनकम टैक्स
नौकरीपेशा को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
इस तरह 12.10 लाख की कमाई पर कुल 61,500 रुपये (20,000+40,000+1500) का टैक्स देना होगा। नौकरीपेशा लोगों को 75,000 रुपये के अतिरिक्त स्टैण्डर्ड डिडक्शन का फायदा भी मिलेगा। आसान शब्दों में कहें तो नौकरीपेशा लोगों को 12.75 लाख तक की सालाना कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन जो लोग नौकरीपेशा नहीं हैं उन्हें सीमान्त राहत (Marginal Relief) का लाभ मिलेगा। मामूली राहत के बाद कितना टैक्स देना होगा यह नीचे बताया जा रहा है।
जो नौकरीपेशा नहीं हैं, उनका क्या?
ऐसे टैक्सपेयर्स, जो नौकरीपेशा नहीं हैं लेकिन कमाई 12 लाख से अधिक है, को सीमान्त राहत का लाभ मिलेगा। 12.10 लाख रुपये की कमाई पर 61,500 रुपये का टैक्स देना होगा जबकि सीमान्त राहत के बाद टैक्सपेयर को 10,000 रुपये का ही टैक्स भरना होगा। इसी तरह 12.50 लाख की कमाई पर मामूली राहत के बाद 50,000 रुपये, 12.70 लाख की कमाई पर 70,000 रुपये का टैक्स देना होगा। लेकिन ध्यान रहे, सीमान्त राहत के माध्यम से सिर्फ 60,000 रुपये तक की बचत ही की जा सकती है जबकि 12.75 लाख रुपये की कमाई पर 71,250 रुपये का टैक्स देना होगा, जिसपर कोई राहत नहीं दी जाएगी। 12 लाख से ऊपर की कितनी कमाई पर किस टैक्सपेयर को कितना फायदा होगा वो आप नीचे दी जा रही टेबल से समझ सकते हैं।
जो नौकरीपेशा नहीं हैं, उनका क्या?
इस कमाई पर नहीं होगी बचत
बजट 2025-26 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा खेले गए मास्टरस्ट्रोक के साथ-साथ कुछ बातों का विशेष ध्यान भी रखना है। मोदी सरकार 3.0 द्वारा जुलाई 2024 में पेश किये गए पहले पूर्ण बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) को 10% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया था। बजट 2025 में LTCG में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। ध्यान रखना है कि कैपिटल गेन (स्टॉक, बॉन्ड और रियल एस्टेट जैसे स्त्रोतों) और लॉटरी से हुई कमाई पर कोई छूट नहीं मिलेगी। सेक्शन 115BAC के तहत केवल स्टैण्डर्ड कमाई पर लगने वाले टैक्स में राहत दी जाएगी।
