ITR: नई टैक्स व्यवस्था का जलवा, अब तक 86% टैक्सपेयर्स ने अपनाया

Income Tax Return: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि लगभग 86% व्यक्तिगत करदाता अब नई कर प्रणाली (New Tax Regime) में शामिल हो चुके हैं, जो पिछले वर्ष के 75% से बढ़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुरानी कर व्यवस्था को बंद करने की कोई योजना नहीं है और करदाता अपनी पसंद से किसी भी प्रणाली का चयन कर सकते हैं।

Income Tax Return: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बुधवार को बताया कि करीब 86 प्रतिशत व्यक्तिगत करदाता अब नई आयकर प्रणाली में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुरानी कर व्यवस्था को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना नहीं है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष यानी आकलन वर्ष 2024-25 में 75 प्रतिशत था। अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि करदाता अपनी पसंद के आधार पर किसी भी कर प्रणाली का चयन कर सकते हैं, लेकिन नई प्रणाली को लेकर प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा कि यदि आईटीआर 1, 2, 3 और 4 फॉर्म (जो व्यक्तिगत करदाताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं) को मिलाकर देखा जाए तो लगभग 86 प्रतिशत करदाता नई कर प्रणाली में शामिल हो चुके हैं। वहीं अनुमानित कर मामलों में लगभग 97 प्रतिशत करदाता नई प्रणाली का हिस्सा बन गए हैं। कंपनियों के मामलों में लगभग 60 प्रतिशत आय अब नई कर प्रणाली में दिखाई जा रही है।

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पुरानी टैक्स प्रणाली बनी रहेगी, नई में बढ़ रहा है रुचि (तस्वीर-istock)

अनुमानित टैक्स प्रणाली क्या है?

अग्रवाल ने बताया कि अनुमानित टैक्स मामलों से तात्पर्य भारत के आयकर अधिनियम की धारा 44एडी, 44एडीए और 44एई के अंतर्गत आने वाली सरलीकृत कर निर्धारण योजना से है। इसके तहत छोटे व्यवसाय और पेशेवर अपने कारोबार की एक निश्चित प्रतिशत आय को कर योग्य आय के रूप में घोषित कर सकते हैं। इससे उन्हें बही-खतों का रखरखाव या लेखापरीक्षण कराने की आवश्यकता नहीं रहती। इस प्रणाली से छोटे करदाता आसानी से और बिना जटिलताओं के कर दे सकते हैं।

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