बैंक ट्रांसफर और UPI लेन-देन पर आयकर विभाग की नजर, जानें कब आ सकता है टैक्स नोटिस?

आईटी विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और SFT रिपोर्टिंग के जरिए हर बड़े लेन-देन को ट्रैक कर रहा है। इसलिए टैक्स चोरी करना संभव नहीं है।

यह सर्वविदित है कि आयकर विभाग हाई वैल्यू बैंक ट्रांजैक्शन से लेकर सोशल मीडिया पर नजर रखता है। अब यूपीआई को भी शामिल कर लिया गया है। आयकर विभाग टैक्स चोरी करने वाले टैक्सपेयर्स को पकड़ने के लिए इन माध्यमों का इस्तेमाल करने लगा है। ऐसे में कई बार लोग अपने ही दोस्तों, रिश्तेदारों को पैसे भेजने, पर्सनल खर्चों को UPI से निपटाने या बैंक अकाउंट में रकम ट्रांसफर करने को सामान्य मान लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक लिमिट से ज्यादा या बिना किसी वैलिड सोर्स के किए गए बैंक और UPI लेन-देन को लेकर इनकम टैक्स का नोटिस मिल सकता है।

Income Tax Notice

इनकम टैक्स नोटिस

कब टैक्स नोटिस मिल सकता है?

कई टैक्सपेयर्स को यह चिंता रहती है कि UPI, NEFT, RTGS और IMPS के जरिए पैसे भेजने या पाने पर इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है। डिजिटल पेमेंट आम बात हो गई है, इसलिए ऐसी चिंताएं होना स्वाभाविक है, खासकर तब जब बड़ी रकम का लेन-देन हो। हालांकि, टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का ध्यान पेमेंट के तरीके पर नहीं जाता है। इसके बजाय, जरूरी बात यह है कि आपके फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन आपके इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में बताई गई इनकम से मेल खाते हैं या नहीं। अगर दोनों में बड़ा अंतर होता है तो आयकर विभाग नोटिस भेजकर जवाब मांगता है।

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