अगर बार-बार जाते हैं विदेश, तो सेविंग्स अकाउंट को लेकर न करें ये गलती

अगर आप बार-बार विदेश जाते हैं या वहां बसने की योजना बना रहे हैं, तो अपने सेविंग्स अकाउंट का स्टेटस अपडेट करना न भूलें। NRI बनने के बाद नियमित बचत खाता जारी रखना नियमों के खिलाफ है, जिससे आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।

अक्सर लोग बेहतर नौकरी, बिजनेस या पढ़ाई के लिए विदेश चले जाते हैं और वहां बस जाते हैं। जब कोई भारतीय नागरिक लंबे समय तक विदेश में रहता है, तो उसका स्टेटस बदलकर एनआरआई (Non-Resident Indian) हो जाता है। लेकिन ज्यादातर लोग इस बदलाव के बाद अपने भारतीय बैंक अकाउंट के स्टेटस को अपडेट करना भूल जाते हैं। यह एक ऐसी छोटी सी चूक है जो भारी जुर्माना या कानूनी पचड़ों का कारण बन सकती है। बैंकिंग नियमों के मुताबिक जैसे ही आपका स्टेटस एनआरआई का होता है, आपके लिए अपने बैंकिंग सिस्टम में बदलाव हो जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं NRI के लिए कौन सा बैंक अकाउंट सही रहता है या सेविंग अकाउंट(Saving Account) वो खुलवा सकते हैं या नहीं?

Savings Account Limit

कौन होता है एनआरआई (NRI)?

इनकम टैक्स कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति का एनआरआई स्टेटस उसकी भारत में मौजूदगी यानी फिजिकल प्रेजेंस के आधार पर तय होता है। अगर कोई भारतीय नागरिक एक साल में 182 दिन या उससे ज्यादा समय तक देश से बाहर रहता है, तो वह एनआरआई की कैटेगरी में आ जाता है। नियम यह कहता है कि एनआरआई बनने के बाद आप भारत में एक सामान्य 'रेगुलर सेविंग्स अकाउंट' (Regular Savings Account) नहीं रख सकते। आपको अपने पुराने अकाउंट को या तो बंद करना होता है या उसे एनआरआई अकाउंट (NRE या NRO) में बदलना पड़ता है।

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