IDFC First Bank: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को भारत सरकार (जीओआई) और भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) से डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के लिए अधिकृत किया गया है। बैंक ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के साथ अपने एकीकरण की घोषणा की है, जिससे ग्राहकों के लिए टैक्स भुगतान करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक
अब ग्राहक बैंक के इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म या बैंक की किसी भी शाखा में कैश, चेक, या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से अपना इनकम टैक्स भुगतान कर सकते हैं।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की नई टैक्स पेमेंट सेवाएं
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने अपनी टैक्स पेमेंट सेवाओं को अधिक प्रभावी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर ध्यान दिया है।
- इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग: ग्राहक सीधे बैंक के इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करके इनकम टैक्स का भुगतान कर सकते हैं।
- डाउनलोड करने योग्य चालान: भुगतान के बाद तुरंत चालान डाउनलोड करने की सुविधा।
- विभिन्न भुगतान विकल्प: बैंक कैश, चेक और डिमांड ड्राफ्ट के साथ-साथ यूपीआई और कार्ड पेमेंट्स जैसे नए विकल्प लाने पर भी काम कर रहा है।
सीबीडीटी पोर्टल से डायरेक्ट टैक्स का भुगतान कैसे करें?
- सीबीडीटी पोर्टल पर लॉग इन करें: आयकर पोर्टल पर जाएं।
- चालान बनाएँ: ई-पेमेंट के लिए चालान तैयार करें और नेट बैंकिंग का चयन करें।
- आईडीएफसी फर्स्ट बैंक चुनें: भुगतान विकल्प के रूप में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का चयन करें।
- भुगतान करें और चालान डाउनलोड करें।
बैंक अधिकारियों की प्रतिक्रिया
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कंट्री हेड- रिटेल लाइबिलिटीज़, श्री चिन्मय धोबले ने कहा, "हम अपने ग्राहकों के लिए सेवाओं का दायरा बढ़ा रहे हैं। सीबीडीटी और आरबीआई की मंजूरी के साथ, हम टैक्स कलेक्शन सेवाओं को और बेहतर बनाएंगे।" उन्होंने ग्राहकों को इस डिजिटल सेवा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि बैंक जल्द ही यूपीआई और कार्ड पेमेंट जैसे विकल्प भी उपलब्ध कराएगा।
