एशिया के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक सिंगापुर भारतीय खाद्य और पेय (F&B) कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सिंगापुर अपनी लगभग 90 प्रतिशत खाद्य जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में भारत जैसे बड़े कृषि उत्पादक देश के लिए यहां अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।
Food and Hospitality Asia (Photo: iStock)
भारतीय कंपनियां FHA मेले में ले रहीं भाग
पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, Trade Promotion Council of India (TPCI) के अनुसार, इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए भारत की 100 से अधिक कंपनियां सिंगापुर में आयोजित चार दिवसीय Food and Hospitality Asia (FHA) मेले में हिस्सा ले रही हैं। इस आयोजन के जरिए भारतीय कंपनियां अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार में पेश कर रही हैं।
प्रोसेस्ड फूड, पेय पदार्थ जैसे क्षेत्रों में विस्तार की संभावनाएं
सिंगापुर को एशिया का एक अहम फूड इंपोर्ट हब माना जाता है। यह देश आसियान (ASEAN) और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में प्रवेश का एक बड़ा गेटवे भी है। भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध और मुक्त व्यापार समझौता होने के बावजूद, सिंगापुर के कुल खाद्य आयात में भारत की हिस्सेदारी अभी सिर्फ 2.6 प्रतिशत है। हालांकि, अनाज के क्षेत्र में भारत की पकड़ मजबूत है, जहां देश की हिस्सेदारी लगभग 25.6 प्रतिशत है। लेकिन अन्य क्षेत्रों जैसे प्रोसेस्ड फूड, पेय पदार्थ, समुद्री उत्पाद, रेडी-टू-ईट आइटम्स और स्नैक्स में भारत की हिस्सेदारी अभी भी काफी कम है। यही वजह है कि इन सेक्टर्स में विस्तार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
टीपीसीआई कर रहा कंपनियों की मेजबानी
Food and Hospitality Asia (Photo: iStock)
टीपीसीआई इन कंपनियों की मेजबानी ’इंडसफूड एशिया’ के तहत कर रहा है। यह मेला 21 अप्रैल से शुरू हुआ। इस मेले में भारतीय कंपनियां चावल, मसाले, कॉफी, चाय और समुद्री उत्पाद जैसे विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। ’इंडसफूड एशिया’ के लिए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), स्पाइसेस बोर्ड, कॉफी बोर्ड, हल्दी बोर्ड और टी बोर्ड जैसे विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन निकायों ने टीपीसीआई के साथ सहयोग किया है।
एफएचए बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए प्रमुख मंच
टीपीसीआई के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा कि लगभग 60 लाख की आबादी होने के बावजूद यह देश 16.2 अरब डॉलर के खाद्य एवं पेय पदार्थ आयात करता है, जो उसकी करीब 90 प्रतिशत जरूरतों को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि एशिया का F&B बाजार 2034 तक 3300 अरब डॉलर से ज्यादा का हो सकता है, जबकि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर 2029 तक 181.2 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में एफएचए 2026 निर्णयकर्ताओं से जुड़ने और बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
