ईरान संकट के बीच सरकार ने पिछले 12 दिनों में 4 बार पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही CNG के दाम भी बढ़े हैं। आज यानी सोमवार को सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश: 2.61 से 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से तेल कंपनियों को नुकसान कम होने की उम्मीद है। बता दें कि ईरान संकट के बाद से कच्चे तेल की कीमत रिकॉर्ड हाई पर है। इससे तेल मार्केटिंग कंपनियों को नुकसान हो रहा है। इसकी भरपाई करने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में चौथी बार बढ़ोतरी की है। इस वृद्धि का असर आज तेल कंपनियों के स्टॉक पर दिखाई दे रहा है।
तेल कंपनियों के शेयर
सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी है। एचपीसीएल, BPCL और इंडियन ऑयल के शेयरों में चार से छह प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई। बीएसई पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) का शेयर 5.86 प्रतिशत चढ़कर 412.55 रुपये के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का शेयर 4.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 309 रुपये पर रहा, जबकि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC ) का शेयर 4.15 प्रतिशत बढ़कर 145.30 रुपये पर पहुंच गया।
7.5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी के साथ 15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है, जिससे महंगाई और परिवहन लागत बढ़ने की चिंता गहरा गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम मिलकर देश के लगभग 90 प्रतिशत ईंधन बाजार पर नियंत्रण रखती हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, फरवरी के अंत से अब तक वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। इसकी वजह अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद ईरान में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने की आशंका बताई जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल परिवहन का प्रमुख मार्ग है।
