बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया? जानें कैसे करवा सकते हैं एक्टिव या अनफ्रीज

जब किसी बैंक खाते पर अस्थायी रूप से लेनदेन रोक दिया जाता है तो उसे अकाउंट फ्रीज कहा जाता है। इस दौरान खाते में पैसा मौजूद रहता है, लेकिन आप उसे निकाल या ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं।

आज के डिजिटल दौर में हमारा बैंक अकाउंट हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह की चाय से लेकर रात के डिनर तक, छोटे-बड़े सभी लेन-देन हम डिजिटल बैंकिंग या यूपीआई (UPI) के जरिए करते हैं। ऐसे में सोचिए कि आप किसी दुकान पर पेमेंट कर रहे हों और अचानक आपको पता चले कि आपका बैंक अकाउंट फ्रीज (Bank Account Freeze) या ब्लॉक हो गया है? यह स्थिति किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद तनावपूर्ण और परेशान करने वाली हो सकती है। अकाउंट फ्रीज होने का मतलब है कि आपके खाते में पैसे तो मौजूद हैं, लेकिन आप उसमें से न तो कोई ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं, न एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं और न ही चेक बुक का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसे सही प्रक्रिया अपनाकर दोबारा चालू किया जा सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि बैंक अकाउंट फ्रीज क्यों होता है और इसे अनफ्रीज करने (how to unfreeze account) का तरीका क्या है।

Bank Account Freeze

बैंक क्यों फ्रीज करता है अकाउंट?

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर बैंक किसी चलते हुए खाते को फ्रीज क्यों करता है। इसका सबसे पहला और आम कारण होता है केवाईसी (KYC - Know Your Customer) का अपडेट न होना। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार, बैंकों को एक निश्चित समय अंतराल पर अपने ग्राहकों के दस्तावेजों को दोबारा वेरिफाई करना होता है। यदि आप लंबे समय तक अपना री-केवाईसी नहीं करवाते हैं, तो बैंक सुरक्षा कारणों से अकाउंट को आंशिक या पूरी तरह से फ्रीज कर देता है। इसके अलावा, यदि आपके खाते में अचानक कोई संदिग्ध लेन-देन (Suspicious Transactions) होता है जैसे अचानक बहुत बड़ी रकम का आना-जाना या किसी अनजान सोर्स से बार-बार पैसे ट्रांसफर होना तो बैंक का फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम एक्टिव हो जाता है और खाते को ब्लॉक कर देता है। इसके पीछे साइबर क्राइम या ऑनलाइन धोखाधड़ी से ग्राहकों को बचाना मुख्य उद्देश्य होता है।

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