यदि आप कम जोखिम और कम निवेश में एक सुरक्षित और लाइफटाइम चलने वाला बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो देश के सबसे भरोसेमंद ब्रांड 'अमूल' (Amul) के साथ जुड़ना आपके लिए एक बेहतरीन मौका हो सकता है। अमूल भारत का एक ऐसा स्थापित और लोकप्रिय ब्रांड है, जिसके दूध, दही, मक्खन, पनीर, आइसक्रीम और चॉकलेट जैसे प्रोडक्ट्स की मांग हर घर में साल के बारह महीने बनी रहती है। यही कारण है कि अमूल की फ्रेंचाइजी (Amul Franchise) लेना एक बेहद मुनाफे वाला सौदा माना जाता है, क्योंकि इसके प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए आपको किसी मार्केटिंग या खास विज्ञापन की जरूरत नहीं पड़ती। कंपनी अपने बिजनेस नेटवर्क को बढ़ाने के लिए आम लोगों को बहुत ही कम सुरक्षा निधि (Security Deposit) पर फ्रेंचाइजी ऑफर करती है, जिससे छोटे शहर और कस्बों के लोग भी अमूल के पार्टनर बनकर हर महीने लाखों रुपये की बंपर कमाई आसानी से कर सकते हैं।
अमूल की फ्रेंचाइजी कैसे लें और हर महीने लाखों की कमाई कैसे करें? जानिए पूरा प्रोसेस
अमूल की फ्रेंचाइजी कैसे शुरू करें?
अमूल मुख्य रूप से दो तरह की फ्रेंचाइजी प्रदान करता है, जिन्हें आप अपनी बजट और जगह के हिसाब से चुन सकते हैं। पहली फ्रेंचाइजी होती है 'अमूल प्रिफर्ड आउटलेट' (Amul Preferred Outlet) या अमूल रेलवे पार्लर/कियोस्क। इसे शुरू करने के लिए आपको बहुत बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती, महज 100 से 150 वर्ग फुट की दुकान में भी इसे आसानी से खोला जा सकता है। इस आउटलेट के लिए आपको लगभग 2 लाख रुपये का निवेश करना होता है, जिसमें ₹25,000 नॉन-रिफंडेबल सिक्योरिटी मनी, ₹1,00,000 दुकान के रिनोवेशन और इंटीरियर के लिए और करीब ₹75,000 डीप फ्रीजर, विजी कूलर जैसे जरूरी इक्विपमेंट्स खरीदने में खर्च होते हैं।
वहीं, दूसरी फ्रेंचाइजी 'अमूल आइसक्रीम स्कूपिंग पार्लर' (Amul Ice-Cream Scooping Parlour) की होती है, जिसके लिए कम से कम 300 वर्ग फुट की जगह की आवश्यकता होती है। इसमें निवेश थोड़ा ज्यादा होता है और आपको करीब 5 लाख रुपये की लागत लगानी पड़ती है, जिसमें ₹50,000 सिक्योरिटी डिपॉजिट और बाकी रकम इंटीरियर, डीप फ्रीजर, वाश बेसिन और सिटिंग अरेंजमेंट पर खर्च होती है।
कमाई कैसे और कितनी होती है?
अब बात करते हैं सबसे जरूरी पहलू यानी कमाई और प्रॉफिट मार्जिन की। अमूल अपने आउटलेट्स पर बिकने वाले हर प्रोडक्ट पर एक निश्चित कमीशन या मार्जिन देता है। अमूल प्रिफर्ड आउटलेट में पाउच वाले दूध पर 2.5%, मिल्क प्रोडक्ट्स (जैसे पनीर, छाछ, दही, घी, बटर) पर 10%, चॉकलेट और अन्य फ्लेवर्ड ड्रिंक्स पर 20% और आइसक्रीम पर सीधे 20% का प्रॉफिट मार्जिन मिलता है। दूसरी ओर, अगर आप अमूल आइसक्रीम स्कूपिंग पार्लर खोलते हैं, तो मुनाफे का ग्राफ काफी बढ़ जाता है; यहां आपको रेसिपी बेस्ड आइसक्रीम, शेक, पिज्जा, सैंडविच और स्कूप आइसक्रीम की बिक्री पर सीधे 50% तक का तगड़ा मार्जिन मिलता है, जबकि प्री-पैक्ड आइसक्रीम पर 20% मुनाफा होता है।
अगर आपकी दुकान किसी अच्छे मार्केट, मॉल, स्कूल-कॉलेज या प्राइम लोकेशन पर है जहाँ ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रहती है, तो आप हर महीने आराम से 5 से 10 लाख रुपये तक का बिजनेस (Turnover) कर सकते हैं और सारे खर्चे निकालकर प्रति माह ₹50,000 से लेकर ₹1,00,000 से अधिक की शुद्ध कमाई कर सकते हैं।
ऑनलाइन कैसे लें फ्रेंचाइजी?
अमूल की फ्रेंचाइजी लेने की आवेदन प्रक्रिया भी बेहद पारदर्शी और पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए आपको किसी बिचौलिए या फ्रॉड का शिकार होने से बचना चाहिए और केवल अमूल की आधिकारिक वेबसाइट (amul.com) पर ही जाना चाहिए। वेबसाइट के होमपेज पर आपको 'Amul Parlours' का एक सेक्शन मिलेगा, जहाँ 'Online Application for Amul Parlour' पर क्लिक करके आप फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म में आपको अपना नाम, पता, संपर्क विवरण, दुकान की लोकेशन और साइज जैसी जरूरी जानकारियां देनी होंगी।
आवेदन जमा होने के बाद अमूल की ऑफिशियल टीम आपके द्वारा सुझाई गई लोकेशन का सर्वे करती है और यदि आपकी जगह बिजनेस के लिए उपयुक्त पाई जाती है, तो कंपनी आपको फ्रेंचाइजी दे देती है। कम पूंजी में एक बड़े ब्रांड के साथ सम्मानजनक बिजनेस शुरू करने का यह भारत के सर्वश्रेष्ठ और सबसे सुरक्षित बिजनेस मॉडल्स में से एक है।
