रिश्तेदार की मृत्यु के बाद कैसे क्लेम करें बैंक बैलेंस, EPF और इंश्योरेंस का पैसा? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

दुख की घड़ी में अक्सर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन अगर मृतक सदस्य ईपीएफओ का हिस्सा था या बैंक में नॉमिनी जोड़ा था तो आप कैसे उस पैसे को क्लेम कर सकते हैं आइए जनते हैं?

परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य का अचानक चले जाना न केवल एक गहरा भावनात्मक सदमा होता है, बल्कि यह पूरे परिवार की आर्थिक नींव को भी हिला देता है। ऐसे कठिन समय में मृतक की मेहनत की जमा-पूंजी, जैसे बैंक बैलेंस, ईपीएफ (EPF) और इंश्योरेंस क्लेम, परिवार के लिए एक जरूरी सुरक्षा कवच साबित होते हैं। खासकर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए ईपीएफओ की योजनाएं आर्थिक मदद का एक बड़ा जरिया बनती हैं। ऐसे समय में मृतक की जमा-पूंजी, जैसे बैंक बैलेंस, ईपीएफ (EPF) और इंश्योरेंस का पैसा सही समय पर प्राप्त करना परिवार की आर्थिक स्थिरता के लिए अनिवार्य है। ऐसे में आप इसे कैसे क्लेम कर सकते हैं? आइए जानते हैं?

EPFO

बैंक बैलेंस क्लेम करने का तरीका

बैंक खातों के मामले में प्रक्रिया दो तरह की होती है। अगर खाते में नॉमिनी दर्ज है, तो नॉमिनेटेड व्यक्ति को केवल मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), अपना केवाईसी (KYC) दस्तावेज और एक क्लेम फॉर्म बैंक में जमा करना होता है। बैंक सत्यापन के बाद पैसा नॉमिनी के खाते में ट्रांसफर कर देता है। हालांकि, अगर नॉमिनी नहीं है, तो कानूनी उत्तराधिकारियों को 'सक्सेशन सर्टिफिकेट' (Succession Certificate) या 'लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन' की आवश्यकता पड़ सकती है। छोटे बैलेंस के लिए बैंक अक्सर परिवार के सदस्यों से एक क्षतिपूर्ति बांड (Indemnity Bond) लेकर पैसा रिलीज कर देते हैं, लेकिन बड़ी राशि के लिए कानूनी प्रक्रिया अनिवार्य होती है।

End of Feed