क्या आपके पास भी हैं Multiple बैंक अकाउंट्स? जानें कहीं अनजाने में आपको भारी तो नहीं पड़ रही यह गलती!

नौकरी बदलने या बेहतर ऑफर्स के चक्कर में एक से अधिक बैंक खाते खोलना आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लावारिस पड़े मल्टीपल बैंक अकाउंट्स आपकी मेहनत की कमाई को चपत लगा सकते हैं?

आजकल के समय में एक से अधिक बैंक अकाउंट (Multiple Bank Accounts) होना बेहद आम बात हो चुका है। लोग अक्सर नौकरी बदलने पर नया सैलरी अकाउंट खुलवा लेते हैं, या फिर क्रेडिट कार्ड और लोन के ऑफर्स के लालच में अलग-अलग बैंकों में खाते खोल लेते हैं। शुरुआत में तो कई अकाउंट्स रखना काफी सुविधाजनक लगता है, लेकिन अगर इन खातों को सही तरीके से मैनेज न किया जाए, तो अनजाने में की गई यह लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की गाइडलाइंस और वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना इस्तेमाल के पड़े कई बैंक खाते आपकी बचत को धीरे-धीरे खत्म कर सकते हैं।

Multiple Bank Account

क्या आपके पास भी हैं Multiple बैंक अकाउंट्स?

एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखने के नुकसान

एकाधिक बैंक खाते रखने का सबसे बड़ा नुकसान न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance Maintenance) न रख पाने का होता है। आज के समय में लगभग हर प्राइवेट और सरकारी बैंक अपने बचत खातों में एक तय मंथली या क्वार्टरली एवरेज बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य करता है। अगर आप अपने किसी पुराने या निष्क्रिय पड़े खाते में मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करते, तो बैंक आप पर भारी पेनाल्टी लगाना शुरू कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि बिना किसी लेन-देन के भी आपका जमा पैसा पेनाल्टी और चार्जेस के रूप में कटता चला जाता है।

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