दिल्ली में दिवाली से पहले शराब की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू की गई है। दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DSIIDC) ने इसके लिए 'दिल्ली लिकर बुकिंग' नाम से मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। फिलहाल इस ऐप के जरिए दिल्ली के 208 चुनिंदा सरकारी शराब ठेकों से ही ऑर्डर बुक किया जा सकता है। दिल्ली में चार सरकारी निगमों के तहत 700 से ज्यादा शराब की दुकानें चलती हैं, लेकिन अभी यह सुविधा सभी दुकानों पर उपलब्ध नहीं है।
एक व्यक्ति कितनी शराब खरीद सकता है?
इस ऐप के जरिए शराब खरीदने की एक सीमा तय की गई है। आबकारी नियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति एक बार में अधिकतम 9 लीटर व्हिस्की और 18 लीटर बीयर खरीद सकता है। यानी ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से इन तय सीमाओं के भीतर शराब बुक कर सकते हैं। हालांकि, इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 25 साल होनी चाहिए। इससे कम उम्र के लोग ऐप के जरिए शराब की बुकिंग नहीं कर पाएंगे।
कैसे करें ऑनलाइन शराब की बुकिंग?
ऑनलाइन शराब बुक करने की प्रक्रिया काफी आसान रखी गई है। इसके लिए सबसे पहले ग्राहक को अपने मोबाइल में 'दिल्ली लिकर बुकिंग' ऐप खोलना होगा। इसके बाद अपनी पसंद का ब्रांड, बोतल का साइज और शराब की मात्रा चुननी होगी। ऑर्डर की जानकारी भरने के बाद ऐप के जरिए डिजिटल पेमेंट करना होगा। पेमेंट सफल होते ही ग्राहक के मोबाइल पर एक QR कोड जनरेट हो जाएगा। इसके बाद ग्राहक को उसी दुकान पर जाना होगा, जहां से उसने शराब बुक की है। वहां QR कोड स्कैन करवाने के बाद ऑर्डर मिल जाएगा।
48 घंटे के अंदर लेना होगा ऑर्डर
ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद ग्राहक को 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर जाकर शराब कलेक्ट करनी होगी। अगर ग्राहक दुकान से सामान लेने से पहले अपना ऑर्डर रद्द करना चाहता है, तो इसकी सुविधा दी गई है। लेकिन एक बार शराब दुकान से मिल जाने के बाद उसे वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए ऑर्डर करते समय ब्रांड, मात्रा और बोतल के साइज की जानकारी ध्यान से जांचना जरूरी है।
क्या घर बैठे मिलेगी शराब की डिलीवरी?
इस ऐप के जरिए शराब की बुकिंग तो घर बैठे की जा सकती है, लेकिन फिलहाल होम डिलीवरी की सुविधा नहीं दी गई है। ग्राहकों को खुद संबंधित सरकारी दुकान पर पहुंचकर अपना ऑर्डर लेना होगा। इस व्यवस्था का मकसद शराब की दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों और भीड़ को कम करना है। साथ ही डिजिटल पेमेंट और QR कोड के जरिए बिलिंग प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
