सोना बेचने पर कितना देना पड़ेगा टैक्स? ज्वैलरी, SGB, ETF से लेकर म्यूचुअल फंड के नियम जानें

सोने में निवेश से होने वाली कमाई पर टैक्स भारत में कैपिटल गेंस टैक्स के तहत लगता है। 2024 के बजट में बदलाव हुए हैं, जो 23 जुलाई 2024 से लागू हैं। अब लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर 12.5% फ्लैट टैक्स है, बिना इंडेक्सेशन के (यानी महंगाई के हिसाब से लागत नहीं बढ़ाई जाती)। शॉर्ट-टर्म पर आपकी इनकम स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है। सोने खरीदने पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन बेचने पर लगता है।

सोने और चांदी ने अपने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। इस साल अबतक सोने ने 65% और चांदी ने 75% दिया रिटर्न है। 2024 में सोना और चांदी ने निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया था। आपको बता दें कि 2023 में सोने का भाव 65, 000 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वह अब बढ़कर 130,000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। ऐसे में अगर आप सोना बेचकर कमाई करना चाहते हैं तो आपके लिए टैक्स का नियम जानना बहुत जरूरी है। अगर आप गोल्ड ज्वैलरी, SGB, गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड बेचेकर कमाई कर रहे हैं तो सभी के लिए टैक्स के नियम अलग-अलग है। हम आपको बता रहे हैं कि कहां आपको कितना टैक्स देना होगा?

सोना बेचने पर कितना टैक्स

सोना बेचने पर कितना टैक्स

गोल्ड खरीदने और बेचने पर कितना टैक्स?

जब आप सोना खरीदते हैं, तो कोई आयकर नहीं लगता। हालांकि, सोने की खरीद पर 3% GST और मेकिंग चार्ज पर 5% GST लगता है। दूसरी ओर, जब आप सोना बेचते हैं, तो आपको इनकम टैक्स देना पड़ता है। बताते चलें कि वित्त अधिनियम 2024 द्वारा 23 जुलाई, 2024 से प्रभावी संशोधनों के कारण भौतिक सोने और अन्य प्रकार के सोने की बिक्री पर होने वाले लाभ पर कर व्यवस्था में काफी बदलाव आया है। क प्रमुख बदलाव यह है कि सोने की ज्वैलरी, गोल्ड ईटीएफ, गोल्ड म्यूचुअल फंड या एसजीबी से होने वाले लाभ पर कोई इंडेक्सेशन लाभ नहीं मिलता है।

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