Income Tax Calculator : इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करना आसान काम नहीं है। खासकर अगर आप पहली बार आईटीआर फाइल कर रहे हैं, तो ये काम और भी मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा अब दो टैक्स रेजीम हैं - पुरानी और नई। लोग इनमें से कोई एक टैक्स रेजीम चुनने में भी कंफ्यूज हो रहे हैं। साथ ही ये भी कैल्कुलेट करना होगा कि आपको कितना टैक्स भरना है। इसके लिए कैल्कुलेशन करनी होगी। यानी आईटीआर फाइल करने में बहुत मशक्कत करनी पड़ सकती है। इसी मशक्कत को कम करने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स कैलकुलेटर लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य टैक्स भरने की प्रोसेस को आसान बनाना है।
इनकम टैक्स कैल्कुलेटर से जानें अपनी टैक्स देनदारी
टैक्स रेजीम चुनने में मदद
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के टैक्स कैलकुलेटर की मदद से आप यह भी चुन सकेंगे कि कौन सी टैक्स रेजीम आपके लिए बेहतर है। आप यहां दोनों रेजीम में अपनी कुल टैक्स लायबिलिटी की कैल्कुलेशन और तुलना कर सकेंगे। आपको यहां केवल सैलेरी और कटौती (टैक्स डिडक्शन) से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा आपसे कुछ बेसिक जानकारी मांगी जाएगी।
किस काम आएगा टैक्स कैल्कुलेटर
नयी टैक्स रेजीम में 7 लाख रु तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही इसमें अब 50000 रु की स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी शामिल किया गया है। जबकि पुरानी टैक्स रेजीम में कई अन्य तरह की डिडक्शन मिलती हैं। इन सबकी डिटेल देकर आप टैक्स कैल्कुलेट कर सकेंगे। अपने इनकम टैक्स की कैल्कुलेशन करने से आपको अपने फाइनेंस पर नजर में रखने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी पता लगेगा कि टैक्स चुकाने के बाद अपने खर्चों और बचत को कैसे मैनेज करना है।
| नया टैक्स स्लैब | नया टैक्स रेट |
| 3लाख तक | 0% |
| 3-6 लाख | 5 % |
| 6-9 लाख | 10 % |
| 9-12 लाख | 15% |
| 12-15 लाख | 20 % |
| 15 लाख से ज्यादा | 30 % |
कैसे करें इनकम टैक्स कैल्कुलेटर का इस्तेमाल
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के टैक्स कैल्कुलेटर का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले इस लिंक https://incometaxindia.gov.in/Pages/tools/115bac-tax-calculator-finance-bill-2023.aspx पर जाएं। यहां आपको एसेसमेंट ईयर, टैक्सपेयर कैटेगरी, रेसिडेंशियल स्टेटस, टोटल इनकम आदि जैसी जानकारी भरनी होगी। आप जिन टैक्स कटौतियों के पात्र हैं, उनकी भी जानकारी दें। अंत में आप दोनों टैक्स रेजीम में अपनी टैक्स लायबिलिटी की तुलना कर सकेंगे। इसके आधार पर यह क्लियर हो जाएगा कि कौन सी टैक्स रिजीम आपके लिए ज्यादा फायदेमंद और बचत कराने वाली होगी।
