म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP छोटे और नियमित निवेश के जरिए बड़ा फंड बनाने का एक सबसे लोकप्रिय और प्रभावी जरिया बन चुका है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने मात्र 2,000 रुपये का छोटा सा निवेश भी अनुशासित तरीके से शुरू करता है, तो लंबी अवधि में कम्पाउंडिंग यानी चक्रवृद्घि ब्याज की ताकत से एक बड़ा कॉर्पस तैयार किया जा सकता है। बाजार के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने लंबी अवधि में औसतन 12 फीसदी से लेकर 15 फीसदी तक का सालाना रिटर्न आसानी से दिया है। ऐसे में आइए बताते हैं 2000 रुपए की मंथली SIP से 10 साल में कितना रिटर्न मिलेगा?
10 साल में मिलेगा कितना रिटर्न?
10 साल में मिलेगा कितना रिटर्न?
यदि आप 10 साल की अवधि के लिए 2,000 रुपये प्रति माह की SIP में निवेश करते हैं, तो 12 फीसदी के अनुमानित औसत सालाना रिटर्न के हिसाब से 10 वर्षों में आपकी कुल जमा राशि 2,40,000 रुपये होगी, जिस पर आपको लगभग 2,24,678 रुपये का केवल ब्याज यानी कैपिटल गेन मिलेगा और आपकी मैच्योरिटी राशि बढ़कर कुल 4,64,678 रुपये हो जाएगी।
अगर आपका म्यूचुअल फंड थोड़ा बेहतर प्रदर्शन करता है और आपको सालाना 15 फीसदी का अनुमानित रिटर्न मिलता है, तो यही 2,000 रुपये की मासिक SIP 10 वर्षों में और भी बेहतरीन नतीजे दे सकती है। 15 फीसदी की दर से 10 सालों में आपके द्वारा जमा किए गए 2,40,000 रुपये पर लगभग 3,17,308 रुपये का रिटर्न मिलेगा, जिससे आपका कुल फंड बढ़कर करीब 5,57,308 रुपये हो जाएगा। कम्पाउंडिंग का असली जादू समय के साथ काम करता है; निवेश की शुरुआत में जमा राशि बड़ी लगती है और ब्याज कम, लेकिन जैसे-जैसे साल बढ़ते हैं, आपके द्वारा कमाए गए ब्याज पर भी ब्याज मिलने लगता है, जिससे संपत्ति की बढ़त की रफ्तार दोगुनी हो जाती है।
SIP कैसे है फायदेमंद?
जो लोग अपने वित्तीय लक्ष्यों जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा, आपातकालीन फंड या छोटी अवधि के बड़े सपनों को पूरा करना चाहते हैं, उनके लिए 2,000 रुपये की मासिक SIP एक आदर्श शुरुआत हो सकती है। इसे शुरू करने के लिए किसी बड़े एकमुश्त फंड की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि हर महीने की सैलरी या बजट से बचाई गई छोटी सी राशि ही पर्याप्त होती है। इसके अलावा, SIP में रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग का फायदा मिलता है, जिसका मतलब है कि जब बाजार गिरता है तो आपको अधिक NAV यूनिट्स मिलती हैं और जब बाजार चढ़ता है तो आपकी पोर्टफोलियो वैल्यू बढ़ती है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम काफी हद तक संतुलित हो जाता है।
लॉन्गटर्म वित्तीय सुरक्षा हासिल करने का मूल मंत्र सही समय पर निवेश शुरू करना और उसमें निरंतरता बनाए रखना है। 10 साल की अवधि के दौरान यदि आप अपनी आय बढ़ने के साथ SIP राशि में हर साल 5 से 10 फीसदी का 'स्टेप-अप' यानी इजाफा करते हैं, तो यह कॉर्पस उम्मीद से कहीं अधिक बड़ा हो सकता है। हालांकि, म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम लेने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार सही फंड श्रेणी का चयन करना चाहिए या किसी वित्तीय सलाहकार की मदद लेनी चाहिए, ताकि वे अपनी इस छोटी सी बचत को एक बड़ी संपत्ति में बदल सकें।
