सेविंग अकाउंट में कितना पैसा रखने पर टैक्स लगता है? एक छोटी सी गलती से इनकम टैक्स की रडार पर आ जाएंगे आप!

सेविंग अकाउंट में पैसा जमा करना सुरक्षित है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक तय सीमा के बाद आपके ब्याज और ट्रांजैक्शन पर इनकम टैक्स की पैनी नजर होती है? ₹10 लाख से ज्यादा का कैश और ब्याज की गलत जानकारी आपको मुसीबत में डाल सकती है।

आज के दौर में लगभग हर किसी के पास एक या उससे ज्यादा सेविंग अकाउंट (Saving Account) होना आम बात है। लोग अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने और उस पर थोड़ा ब्याज कमाने के लिए बैंक का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आपके सेविंग अकाउंट में जमा हर एक रुपये पर इनकम टैक्स विभाग की पैनी नजर होती है? अक्सर लोग सोचते हैं कि बचत खाते में चाहे जितना पैसा रखें, उस पर टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन यहीं पर वे सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं। दरअसल, बैंक में पैसा रखने की एक लिमिट होती है, जिसे पार करते ही आपके पास इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है। यह समझना बहुत जरूरी है कि टैक्स केवल आपकी जमा राशि पर नहीं, बल्कि उस पर मिलने वाले ब्याज और आपके द्वारा किए जाने वाले बड़े लेन-देन (Transactions) पर निर्भर करता है।

Saving Account

एक साल की लिमिट

इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार, अगर आप एक वित्तीय वर्ष में अपने सेविंग अकाउंट में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का कैश जमा करते हैं या निकालते हैं, तो बैंक इसकी जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग को देने के लिए बाध्य होता है। इसे 'Financial Transactions Statement' (SFT) कहा जाता है। ध्यान रहे, यह 10 लाख की लिमिट किसी एक बैंक की नहीं, बल्कि आपके सभी बैंक खातों को मिलाकर देखी जाती है। अगर आप सोचते हैं कि अलग-अलग बैंकों में 2-2 लाख रुपये रखकर आप बच जाएंगे, तो आप गलत हैं; क्योंकि आपका पैन कार्ड (PAN Card) सभी खातों से लिंक होता है और विभाग को तुरंत पता चल जाता है कि आपने कुल कितनी राशि जमा की है। अगर आपकी जमा राशि आपकी घोषित आय (Income) से मेल नहीं खाती, तो विभाग आपसे जवाब मांग सकता है।

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