Gold-Silver Prices : भारतीयों के लिए पसंदीदा मेटल सोना-चांदी होते हैं। इसलिए इनकी कीमतों पर नजर बनी रहती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। इस फैसले के बाद अगले एक-दो दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में कुछ राहत देखने को मिल सकती है। इस चौथाई प्रतिशत की कटौती के साथ ब्याज दर अब 4 प्रतिशत से 4.25 प्रतिशत के बीच है। अमेरिकी फेड रेट कट का कीमतों पर कितना असर पड़ेगा। आइए जानते हैं एक्सपर्ट क्या कहते हैं।
फेड रेट कट से सोना-चांदी के रेट गिरेंगे! (तस्वीर-istock)
Gold-Silver Prices: क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
अमेरिकी फेड द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती का सोने और चांदी पर क्या प्रभाव पड़ता है? बाजार एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने ईटी नाउ स्वदेश को बताया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा हाल ही में की गई 25 बेसिस प्वाइंट की ब्याज दरों में कटौती के बाद, निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। उनके अनुसार, ब्याज दरों में कटौती से कीमती धातुओं की कीमतों पर अस्थायी रूप से असर पड़ सकता है, हालांकि व्यापक लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे अगले एक-दो दिनों में सोने और चांदी में कुछ मुनाफावसूली हो सकती है। इस शॉर्ट टर्म सुधार के बावजूद उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों कीमती धातुओं का लॉन्ग टर्म रुझान मज़बूत बना हुआ है।
Gold-Silver Prices: इंट्राडे पर एक्सपर्ट के सुझाव
इंट्राडे ट्रेडिंग के संदर्भ में अनुज गुप्ता ने सोने और चांदी दोनों में बिकवाली की सलाह दी है। उन्होंने गोल्ड MCX में 1,09,200 रुपये के लक्ष्य और 1,11,000 रुपये के स्टॉप लॉस के साथ बिकवाली की सलाह दी है। इसी तरह, सिल्वर MCX के लिए उन्होंने 1,26,000 रुपये के लक्ष्य और 1,28,500 रुपये के स्टॉप लॉस के साथ बिकवाली की सलाह दी है।
Gold-Silver Prices: सोने और चांदी प्रदर्शन
कमजोर अमेरिकी डॉलर और घटती ट्रेजरी यील्ड के कारण बुधवार को हाजिर सोना 3,707.40 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। घरेलू मोर्चे पर, मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतें भी 16 सितंबर को 1,10,666 रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं। इस बीच MCX पर चांदी 9 सितंबर, 2025 को 1,26,730 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने रिकॉर्ड शिखर पर पहुंच गई।
फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती का फैसला
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को 2025 की अपनी पहली ब्याज दर में कटौती की घोषणा की, जिसमें बेंचमार्क फेडरल फंड्स रेट को 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती के साथ 4 से 4.25 प्रतिशत के दायरे में कर दिया गया। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) के बयान में विस्तृत रूप से बताया गया यह फैसला एक साल से अधिक समय तक दरों को स्थिर रखने के बाद मौद्रिक नीति में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत देता है।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
