PF पर कैसे तय होता है ब्याज दर? समझिए EPFO के इस फैसले की पूरी इनसाइड स्टोरी

अगर आपका पीएफ कटता है तो आप यह जरूर जानना चाहेंगे कि ईपीएफओ हर साल आपके जमा पर ब्याज दर कैसे तय करता है। आइए आपको इस सवाल का जवाब देते हैं।

सरकार ने हाल ही में 2025-26 के लिए 7.8 करोड़ सब्सक्राइबर्स के एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) डिपॉजिट पर 8.25% की ब्याज दर को मंजूरी दी है। यह दर लगातार तीसरे साल भी वही रही और फिक्स्ड-इनकम और टैक्स-सेविंग वाले दूसरे विकल्पों के मुकाबले सबसे ज्यादा रही। क्या आप जानते हैं कि 1980 और 1990 के दशक में EPF पर ब्याज की दर 12% तक थी। अभी EPF पर ब्याज दर लगभग 8-8.5% के आसपास है। अब सवाल उठता है कि EPFO द्वारा ब्याज दर तय करने का तरीका क्या है? अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो चलिए आपको बताते हैं।

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पीएफ पर ब्याज

ब्याज दर कैसे तय की जाती है?

एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) की सबसे बड़ी फैसला लेने वाली संस्था, सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज (CBT), ब्याज दर तय करती है। यह दर सरकारी सिक्योरिटीज, डेट सिक्योरिटीज और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) जैसे अलग-अलग डेट और इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश से EPFO की ब्याज से होने वाली कमाई का आकलन करके तय की जाती है। वित्त मंत्रालय से दर को मंजूरी मिलने के बाद, इसे सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में जमा कर दिया जाता है। ब्याज सालाना जमा किया जाता है, लेकिन इसकी गणना पूरे फाइनेंशियल ईयर के दौरान हर महीने के बैलेंस के आधार पर की जाती है। आमतौर पर, मुश्किल समय के लिए थोड़ी अतिरिक्त रकम (सरप्लस) बचाकर रखी जाती है।

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