EFTA के साथ समझौता कर भारत को क्या होंगे फायदे, यहां समझें इसका महत्त्व

सरकार ने शनिवार को कहा कि व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) देशों में बाजार पहुंच के साथ भारतीय निर्यात में 99.6 प्रतिशत की वृद्धि करने और 100 अरब डॉलर का निवेश बढ़ाने की क्षमता है। वाणिज्य सचिव ने व्यापार और उद्योग मंत्री महामहिम सेसिली मायर्सेथ और स्वास्थ्य और देखभाल सेवा मंत्री महामहिम जान क्रिश्चियन वेस्ट्रे से भी मुलाकात की।

Free Trade Agreement: सरकार ने शनिवार को कहा कि व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) देशों में बाजार पहुंच के साथ भारतीय निर्यात में 99.6 प्रतिशत की वृद्धि करने और 100 अरब डॉलर का निवेश बढ़ाने की क्षमता है। शुक्रवार को वाणिज्य विभाग के सचिव सुनील बर्थवाल के नेतृत्व में नॉर्वे की यात्रा के दौरान यह बात कही गई। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, वाणिज्य सचिव ने नॉर्वे के उद्योग के लिए कई बड़े अवसरों पर प्रकाश डाला, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले तीन-चार वर्षों में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है।

EFTA

EFTA के साथ समझौता कर भारत को क्या होंगे फायदे, यहां समझें इसका महत्त्व

इन मुद्दों पर चल रही बात

बर्थवाल ने नॉर्वे के व्यापार, उद्योग और मत्स्य पालन मंत्रालय के राज्य सचिव टॉमस नोरवेल से मुलाकात की। उन्होंने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, भारतीय पेशेवरों के लिए गतिशीलता, मौजूदा संस्थागत मेकैनिज्म को फिर से सक्रिय करने और टीईपीए के लिए अगले कदमों पर चर्चा की। वाणिज्य सचिव ने व्यापार और उद्योग मंत्री महामहिम सेसिली मायर्सेथ और स्वास्थ्य और देखभाल सेवा मंत्री महामहिम जान क्रिश्चियन वेस्ट्रे से भी मुलाकात की। इस यात्रा में नॉर्वेजियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (एनएचओ), इनोवेशन नॉर्वे, शिपबिल्डर्स एसोसिएशन, रेडर बिंग लॉ फर्म और कई बड़ी नॉर्वेजियन कंपनियों के नेताओं और सीईओ सहित व्यापार हितधारकों के साथ चर्चा भी शामिल थी।

End of Feed