Home Buyers Will Get Relief In Registration Of Flats:बिल्डर के डिफॉल्ट के कारण लंबे समय से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे, हजारों घर खरीददादों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ऐसे घरों की रजिस्ट्री के लिए नया नियम लाने की तैयारी में हैं। जिसके बाद अटके पड़े फ्लैट की रजिस्ट्री का रास्ता खुल जाएगा। अगर ऐसा होता है तो खास तौर से दिल्ली, एनसीआर के हजारों घर खरीददारों को सीधा फायदा मिलेगा। क्योंकि लंबे समय से हजारों लोग घर का लोन चुकाने या फिर उसका पूरा पेमेंट करने के बाद भी मालिकाना हक नहीं ले सके हैं। ऐसे में यह लोग या तो बिना मालिकाना हक के घर में रह रहे हैं या फिर उन्हें अभी तक पजेशन नहीं मिला है।
फंसे प्रोजेक्ट की रजिस्ट्री होगी आसान
क्यों नहीं हुई है रजिस्ट्री
असल में दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई इलाकों में घर खरीददारों की रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। आलम यह है कि कई सोसायटी में तो लोग 8-10 साल से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं। और वह फ्लैट या घर की ईएमआई लगातार चुका रहे हैं। और उस घर में रह भी रहे हैं। लेकिन फ्लैट उनके नाम से नहीं है। यानी लोन चुकाने ,डाउन पेमेंट करने के बाद भी लोगों को अपने घर का मालिकाना हक नहीं मिला है।
ऐसा इसलिए हुआ है कि बिल्डर या तो डिफॉल्ट करके अपने को दिवालिया घोषित कर चुका है,या फिर उसका स्थानीय अथॉरिटी में बकाया है। इसकी वजह से उन फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। ऐसे में बिल्डर की गलती का खामियाजा घर खरीददार भुगत रहे हैं।
क्या होगा बदलाव
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अब इस संबंध में सरकार नए नियम लाने की तैयार कर रही है। जिसमें अगर कोई बिल्डर दिवालिया हो चुका है। या फिर उसका को मामला अटका हुआ है, तो भी घर या फ्लैट की रजिस्ट्री हो सकेगी। इस संबंध में NCLT से जरूरी राय लेने की तैयारी है। जिससे कि जरूरी बदलाव कर घर खरीददारों को राहत दी जा सके। अकेले नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली में 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट हैं, जहां पर लोगों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इस कदम से उन फ्लैट को भी बूस्ट मिलेगा, जहां पर बिल्डर के दिवालिया प्रक्रिया में जाने के बाद लोगों ने पजेशन न मिलने की आस में फाइनल पेमेंट रोक लिया है। नए बदलाव के बाद ऐसे फ्लैट और घरों की भी रजिस्ट्री हो सकेगी।
