HDFC- HDFC Bank Merger Will Create Top Valuable Bank :जुलाई से हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी (HDFC)का एचडीएफसी बैंक में (HDFC-HDFC Bank Merger)विलय हो जाएगा। इसके साथ ही देश को एक ऐसा बैंक मिलेगा दुनिया के टॉप बैंकों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा। मार्केट कैप के आधार पर नया HDFC Bank दुनिया का चौथा सबसे वैल्युएबल बैंक बन जाएगा। और उसकी गिनती जेपी मार्गन चेज (JP Morgan Chase),इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (Industrial and Commercial Bank of China) और बैंक ऑफ अमेरिका (Bank Of America) जैसे बैंकों में होगी। और यह उपलब्धि हासिल करना वाला यह देश का पहला बैंक हो जाएगा। यानी कि HDFC Bank मार्केट कैप (Equity Capitalisation) के मामले में भारत के सबसे बड़े बैंक SBI और प्राइवेट बैंक ICICI से भी आगे निकल जाएगा।
दुनिया के टॉप-5 बैंक में शामिल होगा HDFC Bank
कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़े डील से बना नया HDFC Bank
एचडीएफसी बैंक ने पिछले साल चार अप्रैल को हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी का खुद में विलय करने पर सहमति जताई थी। यह करीब 3.28 लाख करोड़ रु (40 अरब डॉलर) की डील है। भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास में इसे सबसे बड़ी मर्जर डील कहा गया है। इस डील के तहत एचडीएफसी के हर शेयरधारक को 25 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे। इकोनॉमिक टाइम्स ने ब्लूमबर्ग के हवाले से बताया है कि इस विलय के बाद बैंक मार्केट कैप 172 अरब डॉलर (30 जून के आधार पर करीब 14 लाख करोड़ रुपये) हो जाएगी। और नए बैंक का कुल एसेट 18 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। और उसके पास कुल 12 करोड़ कस्टमर होगी। जो कि जर्मनी जैसे देश की आबादी के बराबर होगा।
वहीं SBI की मार्केट कैप करीब 5.11 लाख करोड़ और ICICI Bank की मार्केट कैप करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये है। जबकि जेपी मार्गन चेज की की मार्केट कैप 419 अरब डॉलर,इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना की 1.73 अरब डॉलर, बैंक ऑफ अमेरिका की 228.3 अरब डॉलर मार्केट कैप होगी।
36 साल पहले बना था HDFC
साल 1977 में ICICI BANK के पूर्व चेयरमैन एच.टी (H T Parekh) ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC की नींव रखी थी। तो उसे आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अपने भतीजे दीपक पारेख को चुना। आज हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC, 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनी बन चुकी है। और इसी से साल 1995 में प्राइवेट बैंक HDFC की नींव पड़ी और अब एक जुलाई से मूल कंपनी HDFC का बैंक में विलय हो जाएगा। और HDFC बैंक नई पहचान के साथ खड़ा होगा।
