HDFC-HDFC Bank Mega Merger: एचडीएफसी (HDFC) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) का विलय हो गया है। इसके साथ ही एचडीएफसी का वजूद खत्म हो गया है और एचडीएफसी बैंक दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन गया है। इस मौके पर एचडीएफसी बैंक के सीईओ शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) ने कर्मचारियों को दिए एक मैसेज में कहा कि जॉइंट यूनिट यानी एचडीएफसी बैंक अब हर 4 साल में अपने ही साइज का एक नया बैंक क्रिएट कर सकता है।
वजूद में आया दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बैंक
उन्होंने इसके पीछे बड़े और ग्रोथ करते डिस्ट्रिब्यूशन और कस्टमर फ्रेंचाइज, पर्याप्त से ज्यादा पूंजी, मजबूत एसेट क्वालिटी और प्रोफिटेबिलिटी का हवाला दिया है।
हर साल खुलेंगी 1500 नई ब्रांच
22 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लोन बुक के साथ यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। जगदीशन के अनुसार विलय का फैसला 'इकोनॉमिक' और रेगुलेटरी नजरिए दोनों से, सही समय पर लिया गया। उन्होंने कहा कि बैंक बढ़ते मिडिल और अपर सेगमेंट तक पहुंचने के लिए कुछ वर्षों तक हर साल 1500 से अधिक शाखाएं खोलेगा।
टेक्नोलॉजी पर खास फोकस
जगदीशन के मुताबिक बैंक टेक्नोलॉजी आर्किटेक्चर पर खास फोकस करेगा, जिससे यह बैंकिंग में एक 'टेक्नोलॉजी कंपनी' बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले तीन वर्षों में इसकी शुरुआत की जाएगी।
उन्हें उम्मीद है कि बैंक का डिजिटल प्लेटफॉर्म आने वाले होम लोन ग्राहकों को एक क्लिक से बचत खाता, पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन, लाइफ इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड जैसे अन्य प्रोडक्ट की सुविधा देगा।
तीन चीजें रहेंगी अहम
जगदीशन ने तीन चीजों को अहम बताया है
- गवर्नेंस और कंप्लायंस
- वर्किंग एनवायरमेंट
- कस्टमर सर्विस
कर्मचारी और उनकी सैलरी पूरी तरह सेफ
जगदीशन ने एचडीएफसी के 4000 से अधिक कर्मचारियों को भी संबोधित किया जो बैंक में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि नए शामिल हुए कर्मचारियों की नौकरी और सैलरी सेफ रहेगी। बैंक में सही डेस्टिनेशन रोल और लेवल पर सही कर्मचारी नियुक्त करने में निष्पक्षता हो, इसके लिए एक इंडिपेंडेंट एक्सटर्नल एक्सपर्ट को शामिल किया गया है।
