HDFC Bank Q3 Results: भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक ने बुधवार को दिसंबर तिमाही के फाइनेंशियल नतीजे जारी कर दिए। साल दर साल आधार पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बैंक का प्रॉफिट 2.2% की बढ़ोतरी के साथ 16,736 करोड़ रुपये रहा, जो कि पिछले वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 2023-24 की इसी तिमाही में 16,373 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सालाना आधार पर 8% बढ़कर 30,690 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में बैंक को मिला ब्याज 76,007 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 70,583 करोड़ रुपये से 7.6% अधिक है।
HDFC Bank का प्रॉफिट बढ़ा
ये भी पढ़ें -
कितने ब्याज का किया भुगतान
बैंक ने बताया कि तिमाही में 45,354 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में चुकाए, जो कि Q3FY24 में 42,111 करोड़ रुपये से 7.7% अधिक है। उम्मीद से कम प्रॉफिट के बावजूद, HDFC बैंक के शेयर में आज 1% से अधिक की वृद्धि हुई, जो 1,666.30 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
करीब पौने 3 बजे BSE पर बैंक का शेयर 20.65 रु या 1.26 फीसदी की मजबूती के साथ 1,662.40 रु पर है।
NPA रेशियो में हुई बढ़ोतरी
तिमाही के दौरान एचडीएफसी बैंक को एसेट क्वालिटी पर दबाव का सामना करना पड़ा। 31 दिसंबर, 2024 तक ग्रॉस एनपीए (जीएनपीए) बढ़कर 36,019 करोड़ रुपये हो गईं, जो एक साल पहले 31,012 करोड़ रुपये से 16 प्रतिशत अधिक है। नतीजतन, जीएनपीए अनुपात पिछले वर्ष की समान अवधि में 1.26 प्रतिशत से 18 आधार अंक बढ़कर 1.42 प्रतिशत हो गया।
इसी तरह, नेट एनपीए (एनएनपीए) 51 प्रतिशत बढ़कर 11,588 करोड़ रुपये हो गईं, जिसमें एनएनपीए अनुपात 0.31 प्रतिशत से 15 आधार अंक बढ़कर 0.46 प्रतिशत हो गया।
31 दिसंबर, 2024 तक जमा राशि 25.12 लाख करोड़ रुपये थी, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि से 14.5 प्रतिशत अधिक है, जबकि इसी अवधि के दौरान एडवांस 12.8 प्रतिशत बढ़कर 20.86 लाख करोड़ रुपये हो गए।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
