HDFC Bank: प्राइवेट सेक्टर बैंक एचडीएफसी ने एक बार फिर कर्ज महंगा कर दिया है। बैंक ने MCLR में 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इस बढ़ोतरी से न केवल बैंक के मौजूदा ग्राहकों की EMI बढ़ जाएगी, वहीं नए ग्राहकों के लिए भी कर्ज महंगा हो जाएगा। इस बढ़ोतरी के बाद बैंक का MCLR, 9.05 से 9.40 फीसदी के बीच हो गया है। बैंक के इस कदम से साफ है कि उसके लागत में हुई बढ़ोतरी का बोझ वह ग्राहकों पर डाल रहा है। एचडीएफसी बैंक के इस कदम के बाद इस बात की संभावना बन गई है, कि दूसरे बैंक भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
एचडीएफसी का कर्ज हुआ महंगा
किस अवधि पर कितना बढ़ा ब्याज
होम लोन ग्राहकों पर असर
चूंकि बैंक ने एक साल की अवधि पर भी एमसीएलआर बढ़ाया है, ऐसे में इसका असर ग्राहकों पर पड़ना तय है। क्योंकि ज्यादातर कंज्यूमर लोन इसी अवधि पर तय होते हैं। ऐसे में होम लोग ग्राहकों पर भी असर पड़ सकता है। बैंक इस समय स्पेशल होम लोन स्कीम के तहत 8.75 फीसदी से 9.65 फीसदी पर होम लोन दे रहा है। जबकि आम ग्राहकों को 9.40 से 9.90 फीसदी पर होम लोन दे रहा है।
कैसी है बैलेंसशीट
30 जून तक एचडीएफसी बैंक का कुल एडवांस 24.87 ट्रिलियन रुपये रहा, जबकि 31 मार्च को यह 25.08 ट्रिलियन रुपये था - जो क्रमिक आधार पर 0.8 प्रतिशत कम है। पूर्ववर्ती एचडीएफसी लिमिटेड के विलय के प्रभाव को छोड़कर, लोन में साल-दर-साल 14.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 30 जून तक जमा खाता 23.79 ट्रिलियन रुपये था, जो पिछली तिमाही की तुलना में लगभग स्थिर था। विलय के प्रभाव को छोड़कर जमाराशि में सालाना आधार पर 16.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। CASA जमाराशि में सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि क्रमिक आधार पर इसमें 5 प्रतिशत की गिरावट आई। तिमाही के लिए बैंक का तरलता कवरेज अनुपात औसत लगभग 123 प्रतिशत रहा।
