HDFC Bank FD Scheme: अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित जगह पर निवेश करना चाहते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं, तो FD एक अच्छा विकल्प हो सकता है। बैंक की FD में एक तय अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है और उस पर पहले से निर्धारित ब्याज मिलता है। अच्छी बात ये है कि अगर आप एक सीनियर सिटीजन हैं तो आप एफडी से अपनी जमा पर 1 लाख तक का ब्याज पा सकते हैं।
HDFC Bank एफडी पर दे रहा तगड़ा ब्याज (Photo: iStock)
दरअसल, देश का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank अपने ग्राहकों को एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। बैंक अपने ग्राहकों को सबसे अधिक ब्याज 3 साल से अधिक और 4 साल 7 महीने से कम अवधि के लिए दे रहा है। अगर आप एफडी पर 1 लाख का ब्याज कमाना चाहते हैं तो इसके लिए बैंक की एफडी स्कीम में 3 लाख रुपये निवेश करना होगा।
एफडी पर कैसे मिलेगा 1 लाख का ब्याज
HDFC Bank FD पर तगड़ा ब्याज (Photo: HDFC Bank)
बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 3 साल से अधिक और 4 साल 7 महीने से कम की अवधि पर जहां सामान्य ग्राहकों को 6.50 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है, वहीं सीनियर सिटीजन के लिए यही ब्याज दर 7.10 प्रतिशत है। अब मान लीजिए आप बैंक में 3 लाख रुपये की एफडी 50 महीने के लिए करवाते हैं तो मैच्योरिटी के रूप में 4,02,255 रुपये मिलेंगे। वहीं, सामान्य ग्राहकों को 3,92,485 रुपये मिलेंगे।
| डिटेल्स | सामान्य नागरिक | सीनियर सिटीजन |
|---|---|---|
| निवेश राशि | ₹3,00,000 | ₹3,00,000 |
| FD अवधि | 50 महीने | 50 महीने |
| ब्याज दर | 6.50% | 7.10% |
| कुल ब्याज | ₹92,485 | ₹1,02,255 |
| मैच्योरिटी राशि | ₹3,92,485 | ₹4,02,255 |
इन दोनों मामलों में शुरुआती निवेश राशि समान यानी 3 लाख रुपये है, लेकिन ब्याज दर अलग होने की वजह से मैच्योरिटी रकम में अंतर आता है। 50 महीने की अवधि पूरी होने के बाद बैंक ग्राहक को मूलधन और अर्जित ब्याज के अनुसार मैच्योरिटी राशि देता है।
FD करवाने से पहले इन बातों का भी रखें ध्यान
हालांकि, FD करवाने से पहले निवेशकों को ब्याज भुगतान के विकल्प, टैक्स से जुड़े नियम और समय से पहले FD तोड़ने पर लागू होने वाले नियमों को भी देख लेना चाहिए। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि FD पर मिलने वाला ब्याज ग्राहक की टैक्स स्थिति के अनुसार कर योग्य हो सकता है। इसलिए केवल ब्याज दर देखकर निवेश करने के बजाय अपनी जरूरत, निवेश की अवधि और कैश की जरूरत को ध्यान में रखना चाहिए। खासतौर पर लंबे समय के लिए पैसा जमा करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि उस अवधि के दौरान पैसों की आवश्यकता तो नहीं पड़ेगी।
