जैसे ही बच्चा 3 साल का होता है और उसका स्कूल जाना शुरू होता है, माता-पिता के लिए खुशियों के साथ-साथ भविष्य के खर्चों की चिंता भी शुरू हो जाती है। आज के दौर में जिस रफ्तार से शिक्षा महंगी हो रही है, उसे देखते हुए बच्चे की उच्च शिक्षा (Higher Education) के लिए सही समय पर सही वित्तीय योजना बनाना बेहद जरूरी हो गया है। आज से 15-18 साल बाद जब आपका बच्चा कॉलेज या प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेगा, तब तक मेडिकल, इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट की पढ़ाई का खर्च कई गुना बढ़ चुका होगा। इस बड़े लक्ष्य को बिना किसी वित्तीय तनाव के हासिल करने का सबसे प्रभावी तरीका है बच्चे के शुरुआती स्कूली दिनों से ही अनुशासित निवेश शुरू करना।
बच्चे का स्कूल शुरू हो गया? जानें कॉलेज की पढ़ाई के लिए हर महीने कहां और कितना करें निवेश
कहां करें निवेश?
बच्चे के कॉलेज फंड के लिए निवेश के दो सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद विकल्प हैं सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड इक्विटी एसआईपी (Equity SIP)। यदि आपकी बेटी है, तो केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है। इसमें वर्तमान में 8.2% की आकर्षक ब्याज दर मिलती है और यह पूरी तरह से सॉवरेन गारंटी (सरकार द्वारा सुरक्षित) के साथ आता है। इसमें निवेश करने पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है। हालांकि, केवल एसएसवाई पर निर्भर रहने के बजाय इक्विटी एसआईपी को जोड़ना ज्यादा बुद्धिमानी माना जाता है, क्योंकि शेयर बाजार से जुड़े इक्विटी फंड लंबे समय (15-18 वर्ष) में महंगाई को पछाड़ने वाला 12 से 15 फीसदी तक का औसतन रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं।
कितना करें निवेश?
कैलकुलेशन के नजरिए से देखें तो यदि आपका लक्ष्य बच्चे के 18वें साल में कॉलेज के लिए 30 से 35 लाख रुपये का कॉर्पस (कोष) तैयार करना है, तो आपको कंपाउंडिंग की ताकत का फायदा उठाना होगा। अगर आप बच्चे के 3 साल के होते ही हर महीने लगभग 5,000 रुपये की इक्विटी एसआईपी शुरू करते हैं और इस पर औसतन 12% का वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो 15 साल में आपका कुल निवेश केवल 9 लाख रुपये होगा, जबकि मैच्योरिटी पर आपको लगभग 25 से 30 लाख रुपये का फंड मिल सकता है। वहीं, यदि आप अपनी एसआईपी राशि में हर साल केवल 10% का इजाफा (Step-up SIP) करते हैं, तो यही फंड 40 लाख रुपये के आंकड़े को भी पार कर सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
निवेश की रणनीति बनाते समय 'एसेट एलोकेशन' का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। अपने वित्तीय पोर्टफोलियो को सुरक्षित और विकासशील बनाने के लिए आप 70% हिस्सा इक्विटी एसआईपी में और 30% हिस्सा सुकन्या समृद्धि योजना या पीपीएफ (PPF) जैसे सुरक्षित विकल्पों में लगा सकते हैं। जैसे-जैसे बच्चा अपने कॉलेज के करीब पहुंचे (लगभग 15-16 वर्ष की उम्र में), अपने इक्विटी निवेश का पैसा धीरे-धीरे सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के जरिए सुरक्षित डेट फंड या बैंक एफडी में शिफ्ट कर देना चाहिए ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव से आपकी पूंजी सुरक्षित रहे। सही समय पर छोटा सा नियमित निवेश आपके बच्चे के सपनों को उड़ान दे सकता है।
