GST Council Meeting: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर कर की दर कम करने के लिए मंत्री समूह गठित करने का निर्णय किया है। साथ ही कैंसर की दवाओं और नमकीन पर माल एवं सेवा कर (GST) को घटाने का फैसला किया है, उन्होंने जीएसटी परिषद की 54वीं बैठक लिये गये फैसलों के बारे जानकारी देते हुए कहा कि जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी दर में कमी के मामले पर विचार करने के लिए मंत्री समूह के गठन का निर्णय किया गया है।
जीएसटी काउंसिल की बैठक
सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। मंत्री समूह की अगुवाई बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। वह फिलहाल जीएसटी दर को युक्तिसंगत बनाने के मंत्री समूह के भी प्रमुख हैं।सीतारमण ने कहा कि जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी दर के बारे में विचार के लिए मंत्री समूह में नये सदस्य शामिल होंगे।
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उन्होंने कहा कि मंत्री समूह अक्टूबर के अंत तक अपनी रिपोर्ट देगा। बीमा प्रीमियम पर कराधान का मुद्दा संसद में उठ चुका है। विपक्षी सदस्यों ने मांग की थी कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी से मुक्त रखा जाए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस मुद्दे पर सीतारमण को पत्र लिखा था।
'जीएसटी प्राप्ति का 75 प्रतिशत राज्यों को जाता है'
वित्त मंत्री सीतारमण ने वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा था कि जीएसटी प्राप्ति का 75 प्रतिशत राज्यों को जाता है और विपक्षी सदस्यों को अपने राज्य के वित्त मंत्रियों से जीएसटी परिषद में प्रस्ताव लाने के लिए कहना चाहिए।जीएसटी परिषद ने सोमवार को हुई बैठक में कैंसर की दवाओं पर कर की दर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत और नमकीन पर 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करने का फैसला किया।
सीतारमण ने कहा कि मार्च, 2026 के बाद आने वाले क्षतिपूर्ति उपकर के मुद्दे पर विचार करने के लिए भी मंत्री समूह का गठन किया गया है।परिषद ने दरों को युक्तिसंगत बनाने और ऑनलाइन गेमिंग पर जीओएम की स्थिति रिपोर्ट पर भी विचार-विमर्श किया। मंत्री ने कहा कि आईजीएसटी (एकीकृत जीएसटी) पर अतिरिक्त सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति बनाई जाएगी। इसमें वर्तमान में असंतुलन की स्थिति है। यह राज्यों से राशि वापस लेने के तरीकों पर गौर करेगी।
