नई दिल्ली। सरकार की ओर से अक्टूबर माह में जीएसटी कलेक्शन (GST collection) के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। पिछले महीने जीएसटी कलेक्शन 1.51 लाख करोड़ रुपये रहा। देश में माल एवं सेवा कर लागू होने के बाद से दूसरा सबसे बड़ा संग्रह है। यह दूसरी बार है जब जीएसटी संग्रह ने 1.50 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 16.6 फीसदी बढ़कर 1,51,718 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा अक्टूबर में डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन से संग्रह भी दूसरा सबसे अधिक रहा।
GST Collection: अक्टूबर में GST से जमकर भरा सरकार का खजाना!
लगातार 8वें महीने 1.4 लाख करोड़ से अधिक रहा GST कलेक्शन
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि यह लगातार आठवां महीना है जब मासिक जीएसटी राजस्व 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। अक्टूबर में 1,51,718 करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह में से सीजीएसटी 26,039 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 33,396 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 81,778 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर एकत्र 37,297 करोड़ रुपये सहित) और सेस 10,505 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर एकत्र 825 रुपये सहित) है।
#GSTCollection | अक्टूबर में कुल GST कलेक्शन ₹1.52 लाख करोड़ 👉CGST कलेक्शन ₹25,300 Cr से बढ़कर ₹26,000 Cr (MoM)👉S… t.co/WcgFIum1KO
— ANI (@ANI) Nov 1, 2022
पिछले साल इसी महीने यानी अक्टूबर 2021 में जीएसटी संग्रह 130127 करोड़ रुपये था, जबकि पिछले महीने, सितंबर 2022 में यह आंकड़ा 141968 करोड़ रुपये था। सितंबर 2022 के महीने के दौरान, 8.3 करोड़ ई-वे बिल उत्पन्न हुए, जो अगस्त 2022 में उत्पन्न 7.7 करोड़ ई-वे बिल से काफी अधिक था।
साल-दर-साल आधार पर लद्दाख ने जीएसटी राजस्व वृद्धि में सबसे ज्यादा यानी 74 फीसदी की वृद्धि दर्ज की, इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 39 फीसदी, हरियाणा में 37 फीसदी और पुडुचेरी में 34 फीसदी की वृद्धि हुई। ऐसी रही जीएसटी राजस्व में राज्यवार वृद्धि -
👉 ₹1,51,718 crore gross GST revenue collected for October 2022 👉 2nd highest collection ever, next only to the co… t.co/0jLjTw9eR1
— ANI (@ANI) Nov 1, 2022
वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि सरकार ने केंद्र और राज्यों के बीच 50:50 के अनुपात में 22,000 करोड़ रुपये का निपटान किया है। अक्टूबर 2022 के महीने में नियमित और ad hoc निपटान के बाद केंद्र और राज्यों का कुल राजस्व सीजीएसटी के लिए 74,665 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 77,279 करोड़ रुपये है।
