आगामी त्योहारी सीजन के दौरान देश में चीनी की सप्लाई को सुचारू बनाए रखने और इसकी आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने चीनी की जमाखोरी (Hoarding) और कालाबाजारी को रोकने के लिए थोक विक्रेताओं, बड़े रिटेलर्स, बेकरी व्यवसायियों और मिठाई उत्पादकों (हलवाइयों) के लिए चीनी के भंडारण की सीमा और उसकी समय-अवधि को लेकर नए और सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये नए नियम 1 सितंबर से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिए जाएंगे।
1 सितंबर से नपेंगे हलवाई और बेकरी वाले!
कितने दिन की चीनी रख सकते हैं?
सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, अब बड़े खरीदार या इंडस्ट्रियल यूजर्स अपने पास केवल 15 दिनों की खपत के बराबर ही चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। इससे पहले तक यह सीमा 30 दिनों के लिए तय की गई थी, जिसे अब घटाकर आधा कर दिया गया है। यानी अब किसी भी बेकरी, हलवाई या फूड प्रोसेसिंग यूनिट को अपनी 15 दिन से अधिक की आवश्यकता का चीनी स्टॉक जमा करके रखने की अनुमति नहीं होगी। अगर किसी व्यापारी या संस्थान के पास निर्धारित समय-सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक पाया जाता है, तो उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चीनी भंडारण के नियमों में इस बड़े फेरबदल का मुख्य उद्देश्य बाजार में चीनी की कृत्रिम किल्लत (Artificial Scarcity) पैदा होने से रोकना है। अक्सर देखा जाता है कि रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान मिठाइयों और बेकरी प्रोडक्ट्स की मांग अचानक काफी बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाने के लिए कुछ बड़े व्यापारी चीनी का बड़ा स्टॉक जमा कर लेते हैं, जिससे बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ने लगती हैं। 15 दिन की नई स्टॉक लिमिट लागू होने से बाजार में चीनी की निरंतर उपलब्धता बनी रहेगी और अनुचित मूल्य वृद्धि पर अंकुश लगेगा।
1 सितंबर से लागू होगा नियम
सरकार ने केवल स्टॉक की सीमा ही तय नहीं की है, बल्कि व्यापारियों के लिए पारदर्शी डेटा देना भी अनिवार्य कर दिया है। 1 सितंबर के बाद से सभी चीनी थोक विक्रेताओं, रिटेलर्स, बिग-चेन स्टोर्स और बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को हर सप्ताह अपने चीनी स्टॉक का ब्योरा सरकारी पोर्टल (NSWS Portal) पर अपडेट करना होगा। खाद्य विभाग की विशेष टीमें समय-समय पर गोदामों, बेकरी यूनिट्स और मिठाई की बड़ी दुकानों का औचक निरीक्षण (Random Inspection) करेंगी ताकि नियमों के उल्लंघन का पता लगाया जा सके।
सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में चीनी की पर्याप्त सप्लाई बनी रहेगी और कीमतें नियंत्रण में रहेंगी। हालांकि, बेकरी और मिठाई उद्योग से जुड़े व्यापारियों को अब अपने कच्चे माल की इन्वेंट्री का प्रबंधन बेहद सावधानी से करना होगा, ताकि 15 दिन के नियम का उल्लंघन भी न हो और उत्पादन में भी कोई रुकावट न आए।
