ED हुआ और ज्यादा पावरफुल, GST चोरी करने वालों की अब खैर नहीं; ये है सरकार का बड़ा फैसला

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jul 9, 2023, 08:36 AM IST

Goods and Services Tax Network Under PMLA: केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के दायरे में शामिल कर लिया है। सरकार के इस फैसले से अब PMLA एक्ट के तहत GSTN संग्रहीत (stored) जानकारी मांगी जा सकेगी।

Goods and Services Tax Network Under PMLA: केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के दायरे में शामिल कर लिया है। सरकार के इस फैसले से अब PMLA एक्ट के तहत GSTN संग्रहीत (stored) जानकारी मांगी जा सकेगी। इससे टैक्स चोरी और डॉक्युमेंट्स में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकेगी। इतना ही नहीं GST से जुड़े अपराध जैसे फर्जी चालान, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट आदि से PMLA एक्ट में निपटा जाएगा। फर्जी बिलिंग के माध्यस से कर चोरी रोकने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने शनिवार देर रात एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को और अधिक शक्तियां मिलेंगी।

Goods and Services Tax Network Under PMLA

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क

वित्त मंत्रालय ने शनिवार देर रात एक नोटिफिकेशन जारी किया है

छोटे व्यापारियों को सॉफ्टवेयर भी मिलेगा

GSTN की जानकारियां अब PMLA की धारा 66 (1) (iii) के तहत शेयर की जाएंगी। इसके अलावा GSTN छोटे व्यापारियों को अपने अकाउंट रखने के लिए मानक सॉफ्टवेयर भी अवेलेबल कराएगा, ताकि इसे सीधे GSTN वेबसाइट पर उनके मंथली रिटर्न को अपलोड किया जा सके।

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