BOM Bank Stake Sale : सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM) में अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए सरकार बिक्री पेशकश (ऑफर फॉर सेल) के जरिए 6 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेच सकती है। यह बिक्री मंगलवार (02 दिसंबर 2025) से शुरू हो गई है। मौजूदा बाजार भाव के अनुसार, सरकार बैंक में छह प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 2,600 करोड़ रुपये जुटा सकती है।
सरकार बेच रही है बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 6% हिस्सेदारी, जुटाएगी 2,600 करोड़ रुपये! (तस्वीर-istock)
बिक्री का तरीका और समय
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र में गैर-खुदरा निवेशक पहले दिन यानी मंगलवार को बोली लगा सकते हैं। वहीं खुदरा निवेशक बुधवार को बोली लगा सकते हैं। सरकार प्रारंभ में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की पेशकश कर रही है। इसके अलावा, अगर अतिरिक्त बोली आती है तो एक प्रतिशत और हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा गया है।
सरकारी हिस्सेदारी और सार्वजनिक शेयरधारिता
पुणे स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में वर्तमान में सरकार की 79.60 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस हिस्सेदारी को कम करने का उद्देश्य बैंक में सार्वजनिक शेयरधारिता की न्यूनतम सीमा 25 प्रतिशत को पूरा करना है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के अनुसार, सभी लिस्टेड कंपनियों में कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों के पास होना जरूरी है। सरकार की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से कम होने पर बैंक यह मानदंड पूरा कर पाएगा।
अन्य बैंकों की स्थिति
सरकार की चार अन्य सरकारी सेक्टर के बैंकों की हिस्सेदारी न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता सीमा से अधिक है। इनमें इंडियन ओवरसीज बैंक में 94.6 प्रतिशत, पंजाब एंड सिंध बैंक में 93.9 प्रतिशत, यूको बैंक में 91 प्रतिशत और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 89.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
नियम और छूट
सेबी ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को अगस्त 2026 तक छूट दी है, ताकि वे इस न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता नियम को पूरा कर सकें। इससे सरकार को समय मिल गया है कि वह अपनी हिस्सेदारी की बिक्री को नियमानुसार पूरा कर सके।
सरकार की यह बिक्री ऑफर न केवल बैंक में निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाएगी, बल्कि सार्वजनिक शेयरधारिता के नियमों का पालन सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही सरकार को भी अपनी हिस्सेदारी से धन जुटाने का अवसर मिलेगा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की यह योजना निवेशकों और सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
