सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली का तोहफा मिल गया है। दरअसल, सरकार ने दिवाली से पहले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के 49.2 लाख कर्मचारियों, 68.7 लाख पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) को 3% बढ़ाकर 58% करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
महंगाई भत्ता
इससे पहले मार्च 2025 में सरकार ने डीए/डीआर में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। बढ़ती मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए, केंद्र सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ते में वृद्धि करती है। इसे आमतौर पर हर साल दो बार संशोधित किया जाता है- जनवरी और जुलाई में। हालांकि, इस बार देरी हुई है।कैबिनेट ने कहा कि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत दोनों में वृद्धि से राजकोष पर प्रति वर्ष ₹10,083.96 करोड़ का बोझ बढ़ेगा।
कितनी बढ़ेगी सैलरी
उदाहरण के लिए, 18,000 रुपये का मूल वेतन पाने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारी का डीए 540 रुपये प्रति माह बढ़ जाएगा। पेंशनभोगियों को भी आनुपातिक रूप से लाभ होगा, क्योंकि उनकी महंगाई राहत में भी वृद्धि अपेक्षित है। यह डीए वृद्धि सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम निर्धारित संशोधन है, जिसका 10 साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को पूरा होगा।
गेहूं पर MSP को बढ़ाया गया
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को फसल विपणन सत्र 2026-27 के लिये गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6.59 प्रतिशत बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। विपणन सत्र 2025-26 के लिये गेहूं का एमएसपी 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। इस तरह गेहूं के एमएसपी में इस साल 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "मंत्रिमंडल ने छह रबी फसलों के लिए एमएसपी को मंजूरी दी है। गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।" गेहूं रबी सत्र की मुख्य फसल है जिसकी बुवाई अक्टूबर के अंत से शुरू होती है और मार्च से कटाई होने लगती है। अन्य रबी फसलों में ज्वार, जौ, चना और मसूर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रबी सत्र की फसलों के लिए एमएसपी का निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर किया गया है।
गेहूं के विपणन सत्र 2026-27 की शुरुआत अप्रैल से होगी। हालांकि गेहूं की बड़ी मात्रा में खरीद जून तक पूरी हो जाती है। सरकार ने 2025-26 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के लिये 11.9 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा है। 2024-25 में इसका अनुमानित उत्पादन 11.75 करोड़ टन रहा, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
