Google Layoffs: टेक क्षेत्र की दिग्गज गूगल एक बार फिर बड़े पैमाने पर नौकरियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। द इंफॉर्मेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, AI का जिस तरह से कंपनी ने अपने बिजनेस में यूज किया है, उसके बाद ऐसी संभावना है कि एड सेल्स के करीब 30,000 लोगों पर नौकरी का खतरा मंडरा रहा है। अगर इतनी संख्या में नौकरियां जाती है, तो यह गूगल के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी होगी। इसके पहले Google ने इस साल की शुरुआत में करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी।
गूगल में छंटनी की तलवार
क्यों इतने बड़े पैमाने पर छंटनी
रिपोर्ट के अनुसार, Google ने नए AI-आधारित टूल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया है। इनका इस्तेमाल एड एवं सेल्स में किया जा रहा है। जिसमें AI के जरिए नए टूल स्वचालित रूप से नए विज्ञापन सुझा सकते हैं और बना सकते हैं । जो ग्राहकों के लिए अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। और इसकी गाज बड़े पैमाने पर एड-सेल्स विभाग के कर्मचारियों पर गिर सकती है। क्योंकि एड-सेल्स डिवीजन में कई नौकरियां निरर्थक हो जाएंगी। गूगल ने हाल ही में AI टूल के साथ परफॉर्मेंस मैक्स को डेवलप कर दिया है।
इंफॉर्मेशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि विज्ञापनदाताओं ने बड़ी संख्या ने परफॉर्मेंस मैक्स को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जिससे यूट्यूब, सर्च, डिस्प्ले, डिस्कवर, जीमेल और मैप्स जैसी किसी विशेष Google सेवा के लिए विज्ञापन बेचने में विशेषज्ञ कर्मचारियों की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
सीईओ सुदंर पिचाई ने जताया था अफसोस
गूगल से 12 हजार कर्मचारियों के निकालने के फैसले पर कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि कंपनी को यह फैसला मजबूरी में लेना पड़ा। अगर वह ऐसा नहीं करते तो इससे भी बुरा समय आ सकता था। उस दौर से बचने के लिए यह फैसला लेना पड़ा।
इसलिए हुआ यह फैसला
इसके पहले जनवरी में पिचाई ने एक इंटरनल मीटिंग में कहा था कि कि कर्मचारियों की संख्या में 6 फीसदी कटौती करने का फैसला लेने से पहले उन्होंने कंपनी के फाउंडर और बोर्ड से परामर्श किया था। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी ने यह फैसला नहीं लिया होता और कंपनी की ग्रोथ धीमी होने के बाद यह फैसला लिया जाता तो समस्या और बढ़ने का जोखिम था।गूगल ने 20 जनवरी को 12 हजार कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया था। और कहा था कि और बुरा न हो इसलिए छंटनी की गई।
