महंगाई के मोर्चे पर राहत मिली है। खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में घटकर 1.54 प्रतिशत रह गई, जो पिछले महीने 2.07 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह कमी सब्जियों और दालों सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण हुई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति सितंबर, 2024 में 5.49 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने बयान में कहा कि सितंबर, 2025 के दौरान अनुकूल आधार प्रभाव के साथ ही सब्जियों, तेल तथा वसा, फल, दाल, अनाज, अंडे, और ईंधन की कीमतों में कमी के कारण मुख्य मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट हुई।
महंगाई घटी
केरल में सबसे अधिक महंगाई
उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति सितंबर में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में -2.28 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह दर -2.17 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों के लिए -2.47 प्रतिशत रही। वहीं, केरल में सितंबर में सबसे अधिक 9.05 प्रतिशत मुद्रास्फीति दर्ज की गई, जो अगस्त के 9.04 प्रतिशत से मामूली वृद्धि है। इसके बाद जम्मू और कश्मीर में 4.38 प्रतिशत, कर्नाटक में 3.33 प्रतिशत और पंजाब में 3.06 प्रतिशत मुद्रास्फीति दर्ज की गई। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में 0.61 प्रतिशत नकारात्मक मुद्रास्फीति दर्ज की गई, उसके बाद असम (-0.56 प्रतिशत), बिहार (-0.51 प्रतिशत) और तेलंगाना (-0.15 प्रतिशत) का स्थान रहा।
आरबीआई ने भी महंगाई का अनुमान घटाया
सितंबर, 2025 के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति सालाना आधार पर शून्य से 2.28 प्रतिशत नीचे रही, जबकि अगस्त में यह शून्य से 0.64 प्रतिशत नीचे और पिछले साल सितंबर में 9.24 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में 2025-26 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया है। अगस्त में इसके 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था।
