बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी, 100000000 नई नौकरियां आएंगी, जानें कब तक?

भारत में कार्यशील आयु की जनसंख्या प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ की दर से बढ़ रही है, जबकि विनिर्माण जैसे पारंपरिक रोजगार के साधन विस्तार करने में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए कार्यबल को खपाने और अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए देश को हर साल 80 से 90 लाख नौकरियां सृजित करने की आवश्यकता है।

देश के करोड़ों बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आने वाले समय में उद्योग जगत बड़ी संख्या में नई नौकरियां देने की तैयारी कर रहा है। आपको बता दें कि उद्योग जगत के दिग्गजों के एक समूह ने सोमवार को 'हंड्रेड मिलियन जॉब्स' (10 करोड़ नौकरियां) नामक एक राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य आगामी दशक में भारत में 10 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है, क्योंकि देश तेज आर्थिक वृद्धि के बावजूद अपर्याप्त रोजगार की समस्या से जूझ रहा है। इस मुहिम की घोषणा सॉफ्टवेयर उद्योग निकाय नैसकॉम के सह-संस्थापक हरीश मेहता, वैश्विक उद्यमी नेटवर्क 'द इंडस एंटरप्रेन्योर्स' (टीआईई) के संस्थापक ए जे पटेल और सेंटर फॉर इनोवेशन इन पब्लिक पॉलिसी (सीआईपीपी) के संस्थापक के यतीश राजावत ने की।

नई नौकरी

नई नौकरी

हर साल 80 से 90 लाख नई नौकरियों की जरूरत

भारत में कार्यशील आयु की जनसंख्या प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ की दर से बढ़ रही है, जबकि विनिर्माण जैसे पारंपरिक रोजगार के साधन विस्तार करने में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए कार्यबल को खपाने और अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए देश को हर साल 80 से 90 लाख नौकरियां सृजित करने की आवश्यकता है। दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के बाद भी भारत में रोजगार की वृद्धि दर उत्पादन विस्तार की तुलना में पीछे रही है। स्वचालन और कृत्रिम मेधा (एआई) व्यापार के तौर-तरीकों को बदल रहे हैं और कई क्षेत्रों में शुरुआती स्तर के पदों को कम कर रहे हैं। ऐसे में यह चिंता बढ़ गई है कि आर्थिक वृद्धि रोजगार सृजन से पूरी तरह कट सकती है।

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