Gold Price Outlook: सोने की कीमत एक महीने से अधिक समय में सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी की तरफ बढ़ रही हैं। ऐसा अमेरिकी राजकोषीय स्थिति को लेकर बढ़ती चिंता के कारण हो रहा है। निवेशक अमेरिका के बढ़ते नेशनल डेट के डर से सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं। अमेरिकी संसद में हाल ही में पारित हुआ विशाल टैक्स और व्यय विधेयक, साथ ही बॉन्ड नीलामियों में कमजोर माँग, ने इन चिंताओं को और हवा दी है। इसके अलावा, कमजोर होते अमेरिकी डॉलर ने सोने में तेजी को और बल दिया। इस हफ्ते डॉलर में 1% से अधिक की गिरावट आई, जो अप्रैल की शुरुआत के बाद इसका सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन रहा। इससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए डॉलर में मूल्यांकित (Dollar-Denominated) सोना सस्ता हो गया, जिससे वैश्विक माँग बढ़ी।
Gold के लिए अगला हफ्ता अहम
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भारत में कितना पहुंचा दाम
भारत में, एमसीएक्स पर सोने की कीमत में 800 रुपये से अधिक की उछाल आई और यह 96,400 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गया। 24 कैरेट सोने का हाजिर मूल्य 97,530 रुपये रहा। यह तेजी वैश्विक रुझानों और स्थानीय मुद्रा की गतिविधियों को दर्शाती है।
जानकारों का भी मानना है कि कमजोर डॉलर और वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता ने सोने की कीमतों को सहारा दिया।
पश्चिम एशिया में तनाव
पश्चिम एशिया में तनाव ने भी सोने की चमक बढ़ाई है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि यदि इजराइल उसके परमाणु ठिकानों पर हमला करता है, तो इसके परिणाम भुगतने होंगे। ऐसी भू-राजनीतिक अस्थिरता के समय निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं।
कितना है सपोर्ट लेवल
बाजार विश्लेषक आगामी अमेरिकी डेटा, जैसे पीएमआई और होम सेल्स, पर नजर रखे हुए हैं, जो शॉर्ट टर्म ट्रेंड को प्रभावित कर सकते हैं। जानकार मान रहे हैं कि बिटकॉइन में तेजी ने भले ही कुछ ध्यान खींचा हो, लेकिन कमजोर इक्विटी बाजार और वैश्विक अशांति सोने को सहारा दे रही है।
भारत में सोने का सपोर्ट लेवल 94,880 रुपये और रुकावट 96,240 रुपये प्रति 10 ग्राम हो सकती है है, जबकि वैश्विक स्तर पर कीमतें 3,260 से 3,345 डॉलर प्रति औंस के बीच हैं।
