Gold rate today and future projection: सोना इस समय निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। ग्लोबल सेंटीमेंट की वजह से सोमवार को सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। सोने का भाव 1,400 रुपये की तेजी के साथ प्रति 10 ग्राम सोने की कीमतें 60,100 रुपये पर पहुंच गई है। जो कि भारतीय बाजार में सबसे अधिक कीमत है। असल में दुनिया में जब भी आर्थिक संकट गहराता है, तो सोना ही सबसे सुरक्षित निवेश बन जाता है। इस समय भी ऐसा ही हो रहा है।
सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर
जिस तरह पहले अमेरिका में सिलिकान वैली बैंक सहित दूसरे बैंक डूबे और अब स्विटजरलैंड के क्रेडिट सुइस बैंक की हालत खस्ता है। बैंकिंग क्राइसिस और रुस-यूक्रेन युद्ध से बदली परिस्थितियों को देखते हुए निवेशकों को सोने पर ही भरोसा दिख रहा है। और उसका असर यह है कि सोना बीते एक साल में 8,467 रुपये तक बढ़ चुका है। मार्च 2022 में सोने की कीमतें 51,633 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं पिछले 5 साल में सोने की कीमतें डबल हो चुकी है। और अंतरराष्ट्रीय स्तर के माहौल और घरेलू फेस्टिव सीजन को देखते हुए , एक्सपर्ट के अनुसार सोने की कीमतें 62 हजार के स्तर तक जा सकती हैं।
सोने ने 5 साल में डबल तो 60 साल 953 गुना हुई कीमतें
ऐसा नहीं है कि सोने की कीमतें केवल अभी रॉकेट बनी हुई हैं। उसने पिछले 5 साल में डबल रिटर्न दिया है। और अगर पिछले 6 दशक के आकंड़ों को देखा जाय तो कीमतें 953 गुना बढ़ गई है। पहले बात पांच साल पहले के रिटर्न की करते हैं। बैंक बाजार की रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में भारत में प्रति 10 ग्राम सोने की कीमतें 31,438 रुपये थी। जो इस समय 60,100 रुपये पर पहुंच गई है। जो कि करीब 90 फीसदी रिटर्न है। इसी तरह छह दशक में यह करीब 953 गुना कीमतें बढ़ी हैं।
जानें कब सोने ने 100, 500 और 1000 रुपये के कीमत को छुआ
सोने की कीमतों को देखा जाय तो आजादी के समय सोने की कीमते 99 रुपये प्रति 10 ग्राम थीं। साल 1950 में सोने की कीमत 59 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। जो कि पहली बार 1959 में 100 के आंकड़े को पार किया। उस वक्त सोने की कीमतें 102 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इसके बाद 1975 में सोने ने 500 के स्तर को और 1980 में 1000 रुपये के स्तर को छुआ। 2007 में सोने ने 10 हजार के स्तर को पार किया।
| साल | सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम, 24 कैरेट) |
| 1950 | 99 रुपये |
| 1959 | 102 रुपये |
| 1975 | 520 रुपये |
| 1980 | 1330 रुपये |
| 2007 | 10,800 रुपये |
| 2011 | 26,400 रुपये |
| 2018 | 31,438 रुपये |
| 2020 | 48,651 रुपये |
| 2022 | 52,670 रुपये |
कितनी बढ़ेंगी कीमतें
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवनीत दमानी ने कहा कि महंगाई के खिलाफ लड़ाई में फेडरल रिजर्व कम आक्रामक है। बैंकिंग संकट की लहर ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया है। इससे सर्राफा में तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी हुई है। इसी कारण राष्ट्रीय राजधानी में सोना 60,000 रुपये से ऊपर के नए सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया।
वहीं कीमतें किस स्तर तक जा सकती हैं इस पर काम ज्वैलरी के एमडी कॉलिन शाह का कहना है कि पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में 7-8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। त्योहारी सीजन के आगाज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता को देखते हुए हमें उम्मीद है कि सोने की कीमतें भारत में 61 हजार से 62 हजार के स्तर पर पहुंच सकती हैं।
