रिकॉर्ड हाई से सोना 25% टूटा! क्या खत्म हुआ गोल्ड का जलवा या बन रहा है मौका?

Gold Price: सोना, जिसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, हाल ही में बड़े उतार-चढ़ाव से गुजरा। 2025 में इसकी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, लेकिन इस साल तेज गिरावट आई। जनवरी 2026 में सोना ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। जो मार्च तक 20 से 25% तक गिर गया।

Gold Price: सोना, जिसे हमेशा से सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) माना जाता है, हाल के समय में अपने सबसे बड़े उतार-चढ़ाव वाले दौर से गुजरा है। इस साल सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं लेकिन बाद में इसमें अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली। वायदा बाजार में सोना 29 जनवरी 2026 को 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। अब यह गिरकर 145000 रुपये के करीब पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो जनवरी 2026 में सोना करीब 5,600 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन मार्च आते-आते यह गिरकर 4,100 से 4,300 डॉलर के बीच आ गया। यानी 20–25% की भारी गिरावट दर्ज की गई।

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सोने में बड़ा उतार-चढ़ाव: रिकॉर्ड ऊंचाई से तेज गिरावट तक (तस्वीर-istock)

क्यों आई थी सोने में इतनी बड़ी तेजी?

सोने की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े वैश्विक कारण थे। सबसे पहला कारण था दुनिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव। यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्षों ने निवेशकों को असुरक्षित महसूस कराया। ऐसे माहौल में लोग शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे निवेश से निकलकर सोने की तरफ बढ़े। दूसरा बड़ा कारण था आसान मौद्रिक नीति यानी बाजार में भरपूर नकदी। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए ब्याज दरें कम रखीं, जिससे लोगों के पास निवेश के लिए ज्यादा पैसा आया। इसी दौरान अमेरिकी डॉलर भी करीब 10% कमजोर हुआ, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सस्ता हो गया और इसकी मांग बढ़ी। तीसरा कारण था ‘डी-डॉलराइजेशन’ यानी डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश। अमेरिका का कर्ज बढ़कर करीब 39 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिससे कई देशों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में बदलाव करना शुरू किया। पिछले तीन सालों में केंद्रीय बैंकों ने करीब 1,000 टन सोना खरीदा, जिससे उनके भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13% से बढ़कर 24% से ज्यादा हो गई। भारत ने भी इस ट्रेंड को फॉलो करते हुए अपने सोने के भंडार में इजाफा किया। इन सभी कारणों ने मिलकर सोने की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

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