Global Market Today 26 March: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती देखकर ग्लोबल बाजारों में दबाव बढ़ता दिख रहा है। गुरुवार सुबह ज्यादातर एशियाई इंडेक्स लाल निशान में रहे, जहां KOSPI में 3% की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। गिफ्ट निफ्टी भी नरम रहा, जिससे भारतीय बाजार में भी कमजोरी आने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, भारतीय बाजार आज रामनवमी के अवकाश के चलते बंद हैं। लेकिन, ये सेंटिमेंट अगले सत्र में रिफ्लेक्ट हो सकता है।
एशियाई बाजारों में बिकवाली हावी
एशियाई बाजारों में बिकवाली हावी
गुरुवार की सुबह एशियाई बाजारों में व्यापक कमजोरी देखने को मिली। KOSPI करीब 3% टूटकर सबसे ज्यादा दबाव में रहा, जो निवेशकों की घटती जोखिम लेने की क्षमता को दर्शाता है। Hang Seng Index में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई, जबकि Nikkei 225 भी लाल निशान में कारोबार करता दिखा। इस गिरावट के पीछे ग्लोबल संकेतों की कमजोरी और मुनाफावसूली दोनों प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं। निवेशक फिलहाल सुरक्षित रणनीति अपनाते दिख रहे हैं, जिससे इक्विटी बाजारों पर दबाव बना हुआ है।
| इंडेक्स | लेटेस्ट लेवल | बदलाव (%) | ट्रेंड |
|---|---|---|---|
| KOSPI | 5,470.96 | -3.04% | तेज गिरावट |
| Hang Seng Index | 24,975.00 | -1.42% | दबाव |
| Jakarta Composite | 7,240.46 | -0.84% | कमजोरी |
| Nikkei 225 | 53,495.00 | -0.47% | हल्की गिरावट |
| Shanghai Composite | 3,913.20 | -0.47% | दबाव |
| GIFT Nifty | 23,186.50 | -0.39% | कमजोर संकेत |
गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर संकेत
GIFT Nifty में करीब 0.4% की गिरावट दर्ज हुई है, जो भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत के संकेत देता है। आमतौर पर गिफ्ट निफ्टी ग्लोबल संकेतों का शुरुआती प्रतिबिंब होता है और इसमें नरमी यह दिखाती है कि घरेलू बाजार पर बाहरी दबाव बना रह सकता है। विदेशी निवेशकों की सतर्कता और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार की धारणा पर पड़ना तय माना जा रहा है।
US और यूरोप से मिले मिक्स्ड संकेत
अमेरिकी बाजारों में S&P 500 और Nasdaq Composite में हल्की तेजी देखने को मिली, लेकिन टेक्निकल संकेत अब भी कमजोर बने हुए हैं। Dow Jones Futures में गिरावट यह बताती है कि बाजार में स्थिरता अभी दूर है। यूरोप में DAX और FTSE 100 में मजबूती रही, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड अभी भी दबाव में बना हुआ है, जिससे यह तेजी सीमित मानी जा रही है।
| सेगमेंट | इंस्ट्रूमेंट | लेटेस्ट लेवल | बदलाव (%) | ट्रेंड |
|---|---|---|---|---|
| कमोडिटी | Brent Crude | 103.73 | +1.47% | मजबूती |
| कमोडिटी | WTI Crude Oil | 91.89 | +1.74% | मजबूती |
| कमोडिटी | Gold | 4,515.36 | -0.30% | कमजोरी |
| करेंसी | Dollar Index | 99.66 | +0.01% | स्थिर |
| करेंसी | USD/INR | 93.97 | +0.10% | रुपया कमजोर |
कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता
कमोडिटी बाजार में Brent Crude 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा रही है, जो आगे चलकर ब्याज दरों को प्रभावित कर सकती है। ऊंचे तेल के दाम इक्विटी बाजार के लिए निगेटिव संकेत माने जाते हैं, क्योंकि इससे कॉरपोरेट लागत बढ़ती है और उपभोक्ता मांग पर असर पड़ता है।
बाजार में बढ़ी सतर्कता
ग्लोबल बाजारों की मौजूदा स्थिति यह साफ संकेत देती है कि निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। एशिया में गिरावट, गिफ्ट निफ्टी की कमजोरी और तेल की तेजी मिलकर बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं। ऐसे में भारतीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
