Gold Demand: अप्रैल-जून तिमाही में 1269 टन रही सोने की डिमांड, RBI ने खरीदा 200 किलो सोना

Gold Demand: विश्व स्वर्ण परिषद के अनुसार 2026 की दूसरी तिमाही में वैश्विक सोने की मांग 1,269 टन पर स्थिर रही। रिकॉर्ड कीमतों से आभूषण बिक्री घटी, लेकिन केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीद ने इसे संभाला।

Gold Demand : विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) की नवीनतम ’Q2 2026 गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स’ रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की दूसरी (अप्रैल-जून) तिमाही में सोने की वैश्विक मांग लगभग स्थिर बनी रही और यह 1,269 टन दर्ज की गई। वर्ष 2025 की समान तिमाही में यह मांग 1,268.6 टन थी। वर्ष की शुरुआत में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद अप्रैल-जून अवधि में कीमतों में कुछ नरमी और स्थिरता देखी गई। समग्र रूप से देखा जाए तो वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के दौरान सोने की कुल वैश्विक मांग में सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह अनुमानित 2,522 टन पर पहुंच गई, जिसका कुल मूल्य लगभग 3,800 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा।

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दूसरी (अप्रैल-जून) तिमाही में सोने की वैश्विक मांग लगभग स्थिर बनी रही

निवेश मांग में सुस्ती और ईटीएफ से निकासी

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तिमाही में सोने के बिस्कुट, सिक्कों और गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में कुल निवेश घटकर 262 टन रह गया। वर्ष की शुरुआत में देखा गया निवेश का तेज उत्साह कीमतों में स्थिरता आते ही थोड़ा धीमा पड़ गया। निवेश में इस कमी की मुख्य वजह अप्रैल-जून तिमाही के दौरान गोल्ड ईटीएफ से 45 टन की निकासी रही। हालांकि, पहली तिमाही में हुए मजबूत निवेश के कारण वर्ष की पहली छमाही (जनवरी-जून) में ईटीएफ की कुल शुद्ध मांग 18 टन के साथ सकारात्मक बनी रही। दूसरी ओर, सोने के बिस्कुट और सिक्कों में निवेश पर ज्यादा असर नहीं पड़ा और इसमें सालाना आधार पर केवल 3 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई। पहली तिमाही के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत छमाही स्तर पर बिस्कुट-सिक्कों की मांग पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक रही। वहीं एशियाई निवेशकों की दिलचस्पी के चलते ओटीसी (ओवर-द-काउंटर) बाजार में दूसरी तिमाही के दौरान 327 टन सोने की मांग दर्ज की गई।

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