ईरान युद्ध के चलते एलपीजी गैस संकट के बीच सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने ऐलान किया है कि PNG के नए कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को 500 रुपये की गैस मुफ्त में दी जाएगी। आपको बता दें कि पीएनजी प्राकृतिक गैस होती है जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक पहुंचती है। इसमें मुख्य रूप से मीथेन गैस होती है और इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सिलेंडर खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। गैस की सप्लाई लगातार पाइप से आती रहती है और खपत के अनुसार उपभोक्ताओं को बिल आता है।
पीएनजी गैस
प्रोत्साहन योजनाएं शुरू
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण पैदा हुए आपूर्ति संकट के बीच शहरी गैस वितरण कंपनियों ने उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के बजाय ’पाइप से मिलने वाली रसोई गैस’ (पीएनजी) को अपनाने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) दिल्ली और आसपास के शहरों में पीएनजी कनेक्शन लेने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 31 मार्च से पहले उपयोग शुरू करने पर 500 रुपये तक की मुफ्त गैस दे रही है।
एमजीएल ने भी शुरू की स्कीम
इसी तरह, मुंबई स्थित महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क माफ करने और वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए एक से पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा जमा राशि में छूट देने की घोषणा की है। शर्मा ने कहा कि सरकारी गैस कंपनी गेल इंडिया और पेट्रोलियम कंपनी ’भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (बीपीसीएल) जैसी कंपनियों ने भी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए इसी तरह के प्रोत्साहन उपाय शुरू किए हैं। उन्होंने कहा, ’’ मौजूदा स्थिति चिंताजनक है। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरा करने के लिए एलपीजी की आपूर्ति जारी है। देश में किसी भी एलपीजी वितरक के यहां गैस समाप्त होने की सूचना नहीं है।’’
गैस का संकट बना हुआ
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते मालवाहक जहाजों की आवाजाही बाधित होने से हालांकि ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है जिनमें से बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से ही आता है। अधिकारी ने कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पेट्रोल पंप पर ईंधन की कोई कमी नहीं है। सीएनजी और पीएनजी उपभोक्ताओं को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की बुकिंग 15 मार्च को घटकर करीब 50–55 लाख रह गई, जो ईरान युद्ध से पहले के स्तर के करीब है।
गैस की मांग में कमी आई
इससे पहले शनिवार को यह आंकड़ा लगभग 77 लाख था और 13 मार्च को यह बढ़कर 88.8 लाख के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। शर्मा ने कहा कि यह देखना अभी बाकी है कि सिलेंडर बुकिंग में आई यह गिरावट एक स्थायी रुझान है या फिर 15 मार्च को रविवार होने के कारण आई गिरावट है। एलपीजी बुकिंग में ऑनलाइन माध्यमों की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 90 प्रतिशत हो गई है, जो पहले लगभग 87 प्रतिशत थी। सरकार उपभोक्ताओं से लगातार अपील कर रही है कि घबराहट में गैस एजेंसियों पर कतार लगाने के बजाय डिजिटल माध्यमों से बुकिंग करें।
उन्होंने उपभोक्ताओं से एलपीजी सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग और घर तक आपूर्ति की सुविधा का उपयोग करने, घबराहट में बुकिंग करने से बचने और संभव होने पर पीएनजी जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने की अपील की।
